फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Building of Microbiology and MBA to be built at a cost of 5 crores

पांच करोड़ की लागत से बनेगी माइक्रोबायोलॉजी और एमबीए की बिल्डिंग

Wed, 27 Nov 2019 02:45 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2019 02:45 AM IST
विज्ञापन
Building of Microbiology and MBA to be built at a cost of 5 crores
पांच करोड़ की लागत से बनेगी माइक्रोबायोलॉजी और एमबीए की बिल्डिंग
विज्ञापन

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में पांच करोड़ रुपये की लागत से माइक्रोबायोलॉजी और एमबीए की बिल्डिंग बनाई जाएगी। इसेे लेकर फाइनेंस कमेटी की बैठक में मुहर लगा दी गई है। विवि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों बिल्डिंग बनाए जाने में कोई पेड़ नहीं काटा जाना चाहिए। इसके अलावा कक्ष निरीक्षकों को अब कॉलेजों से भुगतान किए जाने की बजाय विवि सीधे उनके अकाउंट में भेजेगा। इससे कॉलेजों में होने वाला खेल भी खत्म हो जाएगा।
मंगलवार को कैंपस के प्रशासनिक भवन समिति कक्ष में फाइनेंस कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में राजा महेंद्र प्रताप लाइब्रेरी के सामने राजा महेंद्र प्रताप की प्रतिमा लगाने के लिए बजट आवंटित किया गया। करीब 20 लाख रुपये की लागत से यह प्रतिमा बनाई जाएगी। इसे लेकर मूर्तिकारों की एक कमेटी भी बनाने का निर्णय लिया गया है। मेडिकल की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पारिश्रमिक 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने और परीक्षा नियंत्रक व कैंपस के सभी विभागाध्यक्षों को 20 हजार रुपये का वित्त अधिकार, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को कन्वेंस देने का निर्णय लिया गया। एमबीए और माइक्रोबायोलॉजी विभाग का विस्तार किया जाएगा। इन दोनों बिल्डिंग पर करीब ढाई-ढाई करोड़ रुपये खर्च आएगा।
विज्ञापन

सबसे अहम फैसला कॉलेजों में कक्ष निरीक्षकों को किए जाने वाले भुगतान को लेकर किया गया है। अभी तक विवि की जो भी परीक्षाएं होती हैं, उनमें कक्ष निरीक्षकों को कॉलेजों द्वारा भुगतान किया जाता है। विवि भुगतान की रकम कॉलेजों को जारी करता था, लेकिन इसेे लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल ही थी कि तमाम कॉलेजों में सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के शिक्षकों को भुगतान किया ही नहीं जाता है। ऐसे में विवि ने इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। अब कक्ष निरीक्षक को विवि सीधे उनके अकाउंट में आरटीजीएस के जरिए भुगतान करेगा। कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में हुई फाइनेंस कमेटी की बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, वित्त नियंत्रक सुशील कुमार गुप्ता, रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी डॉ. राजीव कुमार शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed