मेरठ: सामने आया असली सच, भीम आर्मी से जुड़े हैं डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा गिराने वाले युवक
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मेरठ के सिखेड़ा गांव में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा गिराने के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों ने नई प्रतिमा लगवाने के लिए खुद ही पुरानी प्रतिमा को गिराया था। दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह भीम आर्मी से जुड़े हैं। इस गांव में प्रतिमा को लेकर कई बार जातीय तनाव हो चुका है।
पुलिस के अनुसार चार सितंबर की रात इंचौली थानाक्षेत्र के गांव सिखेड़ा में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा गिराने की वजह से बखेड़ा हो गया था। ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था। जिसके बाद एसडीएम और सीओ के सामने भी अनुसूचित जाति के लोगों ने नई प्रतिमा लगवाने की मांग की थी। इस मामले में कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि प्रतिमा गिराने के लिए रात में ऑटो में सवार होकर लोग पहुंचे थे। पुलिस ने ऑटो के नंबर के आधार पर जांच की तो आरोपियों का सुराग लग गया।
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एसओ गंगानगर रवि चंद्रवाल ने बताया कि पुलिस ने नीरज पुत्र धारा सिंह व राकेश पुत्र नोराज निवासी सिखेड़ा को गिरफ्तार किया। योजना के चार माह पूर्व डॉ. आंबेडकर की नई प्रतिमा लाई गई थी। जिसे गांव के एक मकान में छिपाकर रखा गया था। उसके बाद चार सितंबर की रात कुछ युवकों ने पहले से क्षतिग्रस्त प्रतिमा को आगे की तरफ गिरा दिया था। प्रतिमा गिराने वाले युवकों ने ही पांच सितंबर की सुबह बखेड़ा कर नई प्रतिमा लगाने की मांग की थी। लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामला कोर्ट में चलना बताकर पुरानी प्रतिमा को ही खड़ा करा दिया था।
भीम आर्मी से जुड़े हैं आरोपी
एसपी देहात अविनाश पांडेय का कहना है कि गिरफ्तार और फरार आरोपी अनुसूचित जाति से हैं। पूछताछ में राकेश और नीरज ने बताया कि वह भीम आर्मी की बैठक में जाते थे। जिसमें बताया गया है कि यदि प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर गिरा देंगे तो फिर नई प्रतिमा आसानी से लग जाएगी।
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एसपी देहात ने बताया कि आरोपियों की कॉल डिटेल और ऑटो के नंबर व अन्य साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तारी हुई है। सिखेड़ा में खंडित प्रतिमा का वर्ष 1995 में मामला हुआ था। उस समय 38 लोगों पर मुकदमा हुआ था। जमीन विवादित है। लेकिन बाद में समझौता हुआ कि प्रतिमा ढकी हुई रहेगी। यदि किसी ने शांति व्यवस्था में खलल डालने की कोशिश की तो ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में एक आरोपी सोनू फरार है।
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