भीम आर्मी का जोरदार प्रदर्शन, महिलाओं सहित 176 लोगों ने दी गिरफ्तारी, ये है पूरा मामला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर के ग्राम घुन्ना में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने के प्रकरण में दर्ज रिपोर्ट के विरोध में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन कर गिरफ्तारी दी। पुलिस ने 176 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 139 पुरुष एवं 37 महिलाएं शामिल रहीं। दोपहर बाद सभी को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
पिछले दिनों गांव घुन्ना में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने पर सैकड़ों लोगों ने बेहट रोड जाम करके शाकंभरी देवी मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं पर डंडों से हमला एवं पथराव किया था। साथ ही ग्राम नाजिरपुरा में भी प्रदर्शन कर हमला किया गया था। पुलिस ने ग्राम घुन्ना एवं ग्राम नाजिरपुरा में हुए बवाल के आरोप में 104 लोगों को नामजद एवं 600 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस कार्रवाई के विरोध में भीम आर्मी ने जेल भरो आंदोलन का एलान किया था।
मंगलवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों लोग कलक्ट्रेट गेट पर एकत्रित हुए और प्रदर्शन किया। भीम आर्मी के जिला प्रभारी प्रवीण गौतम ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गलत नामजदगी की है। जिन लोगों ने पथराव किया, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। न ही प्रतिमा तोड़ने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
यह भी पढ़ें: बवाल की 12 तस्वीरें... फिर जलने से बचा सहारनपुर, पुलिस पर जमकर पथराव, सीओ समेत कई घायल
चंद्रशेखर, कमल वालिया के परिवार ने बनाई दूरी
घुन्ना प्रकरण में बनाए गए आरोपियों के समर्थन में भीम आर्मी द्वारा जेल भरो आंदोलन से भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर, राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह वालिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंजीत सिंह नौटियाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन के परिवार ने दूरी बनाए रखी। इन पदाधिकारियों के परिवार का एक भी व्यक्ति न तो आंदोलन में शामिल हुआ और न ही गिरफ्तारी दी। जिला प्रभारी प्रवीण गौतम का कहना है कि कमल सिंह वालिया की मां कांति देवी आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहीं थीं, लेकिन उनकी तबियत खराब हो गई। संस्थापक चंद्रशेखर के परिवार से कोई शामिल नहीं हुआ।
यह भी पढ़ें: सहारनपुर बवाल: आंबेडकर की मूर्ति तोड़ने पर केस दर्ज, भीम आर्मी के राष्ट्रीय महासचिव को बनाया आरोपी
कार्यकर्ताओं को जगह-जगह रोका गया: कमल वालिया
भीम आर्मी के राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह वालिया ने कॉल करके आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को जगह-जगह रोका, कलक्ट्रेट तक पहुंचने नहीं दिया। पुलिस उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है।
निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद संगठन ने किया आंदोलन
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि एक संगठन जो अराजक तरीके से शांति व्यवस्था भंग करना चाहता है, उसने जेल भरो आंदोलन का आह्वान किया था। बताया गया था कि जिले में निषेधाज्ञा लागू है, लेकिन संगठन के लोग नहीं माने और कलक्ट्रेट पर एकत्रित हुए। जिसके बाद लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गैर सामाजिक क्रिया कलाप के संगठन का आंदोलन : एसएसपी
एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि मुकदमे को समाप्त करने के लिए दोषी लोगों को बचाने के लिए गैर सामाजिक क्रिया कलापों में शामिल संगठन के कुछ लोक सरकार और पुलिस पर दबाव डालने के लिए जेल भरो आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन पुलिस दोषियों पर कार्रवाई करेगी। जो निर्दोष हैं उनको परेशान नहीं किया जाएगा।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/