भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने स्कूली वाहनों की समस्या को हल कराने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी कार्यालय पर धावा बोल दिया। जिलाधिकारी से मिलने की कोशिश में भाकियू कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी झड़प हो गई। धक्कामुक्की के दौरान भाकियू नेता धर्मेंद्र मलिक के कपड़े फट गए। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को डीएम ऑफिस से धक्के देकर बाहर निकाल दिया। अगली स्लाइडों में तस्वीरों के साथ जानिए पूरा अपडेट-
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डीएम कार्यालय में धरना देते भाकियू कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
इससे गुस्साए भाकियू कार्यकर्ताओं ने डीएम को उनके ऑफिस में ही बंधक बना लिया। डीएम और एडीएम के वाहनों पर भाकियू का कब्जा हो गया। भाकियू नेता राकेश टिकैत पैरों में बेड़ियां बांध धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
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डीएम कार्यालय में धरना देते भाकियू कार्यकर्ता
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भाकियू कार्यकर्ता गुरुवार दोपहर में कलक्ट्रेट पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न स्कूलों के छात्र, अभिभावक और स्कूल संचालक भी मौजूद रहे। सुबह करीब 11.30 बजे प्रदर्शनकारी डीएम ऑफिस में घुसने लगे। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हो गई। पुलिस ने भाकियू कार्यकर्ताओं को धक्का देकर डीएम ऑफिस से बाहर निकाल दिया।
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डीएम कार्यालय में धरना देते भाकियू कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
वहीं भारी हंगामे के बीच डीएम सेल्वा कुमारी जे ने केवल छात्र-छात्राओं को अंदर आने की अनुमति दी। भाकियू नेता धर्मेंद्र मलिक के साथ अन्य लोग डीएम दफ्तर में जाने का प्रयास किया तो उन्हें रोक दिया गया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रशासन विरोधी रवैये को लेकर नाराजगी जताई।
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डीएम कार्यालय में धरना देते भाकियू कार्यकर्ता
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सीओ सिटी हरीश भदौरिया और शहर कोतवाल अनिल कपरवान ने प्रदर्शनकारियों को धक्के देकर बाहर निकाल दिया। इस बीच धर्मेंद्र मलिक के कपड़े भी फट गए। भाकियू नेता इसे अपमान मानते हुए डीएम ऑफिस के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। डीएम को उनके ऑफिस से बाहर नहीं निकलने दिया। चार घंटे बाद पीछे के रास्ते से किसी अन्य वाहन से डीएम कलेक्ट्रेट से निकलीं।