युद्ध के लिए तैयार हैं यूपी के इस जिले से 7379 पूर्व सैनिक, कहा- कुर्बानियों से नहीं हटेंगे पीछे
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यूपी में बागपत जिले का इतिहास पूर्व सैनिकों के शौर्य से भरा हुआ है। सीमा पर माहौल गरमाते ही भूतपूर्व सैनिक भी युद्ध के लिए तैयार हैं। बागपत में पूर्व सैनिकों की संख्या 7379 हैं, जबकि सैनिकों की विधवाओं की संख्या 1253 है। भूतपूर्व सैनिकों के कुल 8632 परिवार जिले में हैं। सैनिक संगठन के अध्यक्ष सेवानिवृत्त मेजर शीशपाल सिंह का कहना है कि कुर्बानियों से पीछे नहीं हटेंगे।
बुधवार को भारत-पाकिस्तान सीमा पर फिर से तनाव बढ़ गया। सेना में सेवाएं दे चुके बागपत के पूर्व सैनिक दिनभर हालात पर नजर रखे रहे। भूतपूर्व सैनिक संगठन के जिलाध्यक्ष सेवानिवृत्त मेजर शीशपाल सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक संगठन किसी भी कदम पर पीछे नहीं हटेगा। सेना की मदद और युद्ध के लिए भी पूर्व सैनिक तैयार हैं।
वायुसेना से सेवानिवृत्त राकेश आर्य का कहना है कि वायुसेना पराक्रमी है। देश का गौरव बढ़ा दिया है। पाकिस्तान और आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं। पाकिस्तान से आर या पार की लड़ाई होनी चाहिए। सेना को तैयार रहना चाहिए और पूर्व सैनिक भी तैयार हैं।
पूर्व सैनिक चरण सिंह खोखर एडवोकेट ने कहा कि देश को जवाब देना होगा। पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आने वाला नहीं है। पाकिस्तान को जवाब दिया जाना चाहिए।
पूर्व सैनिक मास्टर महेंद्र सिंह राठी ने कहा कि पूर्व सैनिक भी युद्ध के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान को करारा जवाब देने का वक्त आ गया है। आतंकवाद के खिलाफ आर या पार की लड़ाई होनी ही चाहिए।
सूबेदार राजपाल सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक देश की सीमाओं पर जाने के लिए तैयार हैं। किसी भी कीमत पर देश को पीछे नहीं हटना चाहिए। पाकिस्तान से आर या पार की लड़ाई लड़नी चाहिए।
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