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नकली सिगरेट फैक्टरी: रोज बनाई जा रही थी 50 लाख की सिगरेट, कंबोडिया से मंगाते थे कागज; देशभर में थी सप्लाई

Fri, 04 Sep 2026 11:09 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Fri, 04 Sep 2026 11:09 PM IST
सार

Meerut News: मेरठ के हस्तिनापुर स्थित दूधली गांव के पास गोशाला के नाम पर प्रसिद्ध ब्रांड की नकली सिगरेट बड़े पैमाने पर बनाई जा रही थी। पुलिस ने सिगरेट समेत करीब तीन करोड़ का माल, ऑटोमेटिक मशीनों समेत फैक्टरी संचालक रवि किशोर को गिरफ्तार किया है। 

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Counterfeit Cigarette Factory: Cigarettes worth ₹50 lakh were being produced daily
गिरफ्तार रवि किशोर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के हस्तिनापुर स्थित दूधली गांव के पास पुरानी स्कूल बिल्डिंग में संचालित अवैध सिगरेट फैक्टरी से पुलिस और आईटीसी कंपनी की टीम ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की तैयार नकली सिगरेट, इतनी ही कीमत का कच्चा माल और मशीनें बरामद की। बरामद सामान की कुल कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई गई है। शुक्रवार को पुलिस ने फैक्टरी संचालक बंगलूरू निवासी रवि किशोर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। जबकि मौके पर मिले कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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Counterfeit Cigarette Factory: Cigarettes worth ₹50 lakh were being produced daily
भारी मात्रा में बरामद किया गया माल। - फोटो : अमर उजाला
एसपी देहात अभिजीत कुमार के अनुसार, फैक्टरी में बड़े पैमाने पर ब्रांडेड के नाम पर नकली सिगरेट का निर्माण और पैकिंग की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान तैयार सिगरेट के साथ उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, मशीनें और अन्य उपकरण मिले। पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर सील कर दिया है। 


 
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Counterfeit Cigarette Factory: Cigarettes worth ₹50 lakh were being produced daily
सिगरेट बनाने की बड़ी-बड़ी मशीनें। - फोटो : अमर उजाला
आरोपी रवि किशोर के पास से दो आधार कार्ड मिले हैं। पहले आधार कार्ड में इसमें अपना पता मूल निवासी दिल्ली बताया, वहीं जो आधार कार्ड उसमें बिल्डिंग को किराए पर लेते हुए शपथ पत्र में लगाया है, उसमें उसका पता रवि किशोर पुत्र मनसुख लाल मेन रोड, बीसीएमसी लेआउट, रघुवनहल्ली, डाकघर–तालघाटपुरा, जिला बंगलूरू, कर्नाटक है।
 
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अवैध फैक्टरी ग्राम पंचायत की दूधली की सरकारी गोशाला की दीवार से सटी पुरानी इमारत में संचालित हो रही थी। बाहर से सामान्य नजर आने वाली इस बिल्डिंग के अंदर सिगरेट बनाने और पैकिंग का काम चल रहा था। जिस पुरानी बिल्डिंग में फैक्टरी संचालित हो रही थी, वहां पहले स्कूल चलता था। बाद में स्कूल को कस्बे के गणेशपुर मार्ग स्थित दूसरे परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया था। अब पुलिस बिल्डिंग के मालिक और स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच कर रही है। इस बिल्डिंग की शिकायत कस्बे के स्वामी कल्याण देव डिग्री कॉलेज के प्राचार्य ने पूर्व में भी की थी परंतु उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

रोज होती थी 50 लाख की नकली सिगरेट तैयार, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़े तार
प्राथमिक जांच में गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, फैक्टरी में आईटीसी कंपनी के नाम से रोजाना करीब 50 लाख रुपये कीमत की नकली सिगरेट तैयार कर देश के अलग-अलग राज्यों में सप्लाई की जाती थी।
 

ऐसे हुआ भंडाफोड़
सिगरेट निर्माता कंपनी आईटीसी की जांच टीम ने दिल्ली के सदर बाजार में एक कंटेनर पकड़ा। कंटेनर से मिले सुराग के आधार पर जांच टीम मेरठ में दूधली खादर क्षेत्र तक पहुंची। सूचना पुख्ता होने पर बृहस्पतिवार देर शाम पुलिस के साथ संयुक्त रूप से छापा मारा गया। मौके से मुख्य आरोपी रवि किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया। 
 

कंबोडिया से मंगाया जाता था रैपिंग पेपर 
जांच में सामने आया कि सिगरेट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला विशेष रैपिंग पेपर और फिल्टर मटेरियल कंबोडिया से मंगाया जाता था। सिगरेट में भरने के लिए घटिया गुणवत्ता का तंबाकू राजस्थान से मंगाया जाता था। खादर क्षेत्र स्थित फैक्टरी में इनकी पैकेजिंग कर नकली सिगरेट तैयार की जाती थी। इसके बाद दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के थोक बाजारों में सप्लाई की जाती थी।
 

दूध प्लांट बताकर तीन जनरेटर किराए पर लिए थे
मेरठ निवासी दीपांशु शर्मा भी कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद दूधली स्थित फैक्टरी पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि खुद को दिल्ली निवासी बताकर रवि किशोर ने उनसे तीन जनरेटर किराए पर लिए थे। आरोपी ने बताया था कि दूधली में दूध का प्लांट लगाया जा रहा है। इसी आधार पर उन्होंने तीनों जनरेटर करीब डेढ़ लाख रुपये प्रतिमाह किराए पर दिए थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके तीनों जनरेटर भी कब्जे में लेकर सील कर दिए।

50 हजार रुपये महीने में तीन साल के लिए किराए पर ली थी बिल्डिंग
पुलिस के अनुसार, यहां पर पिछले आठ महीनों से सिगरेट बनाने की फैक्टरी संचालित की जा रही थी। किरायानामा सुंदरपाल सिंह निवासी डिफेंस कॉलोनी, मेरठ और बंगलूरू निवासी रवि किशोर के बीच हुआ था। एक जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2028 तक तीन वर्ष के लिए किराए पर दी गई थी। इसके लिए 50 हजार रुपये प्रतिमाह और छह लाख रुपये वार्षिक किराया निर्धारित किया गया था। पुलिस अब किराएनामे, बिल्डिंग के इस्तेमाल और फैक्टरी संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका को भी जांच का हिस्सा बना रही है।

 

ऑटोमेटिक मशीनें मिली
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि पुलिस को मौके से भारी मात्रा में तैयार व अर्ध निर्मित सिगरेट, रैपर, फिल्टर और सिगरेट बनाने वाली ऑटोमेटिक मशीनें मिली हैं। मौके से 94 कार्टन तैयार सिगरेट, 13 कार्टन खुली सिगरेट, 19 कार्टन सिगरेट के नाम के रोल और 124 कार्टन दूसरे नाम की सिगरेट के मिले।

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