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Meerut News: नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई शुरू, तैनात रहा भारी पुलिस बल
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सेंट्रल मार्केट तिरंगा चौक पर चल रहे धरना स्थगित होने के बाद दोपहर के समय खाली पड़ी कुर्सियां।
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शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में शुक्रवार को आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में नोटिस चस्पा करने की व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी। एक तरफ जहां सांसद अरुण गोविल व्यापारियों को आश्वासन दे रहे थे वहीं दूसरी तरफ भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में विभाग की 8 टीमों ने आरटीओ रोड से नोटिस चस्पा करना शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से भी अतिरिक्त स्टाफ बुलाया गया था।
परिषद की टीमों ने पहले दिन सेक्टर-9, 10, 11 और 13 में नोटिस चस्पा किए। विशेष बात यह रही कि धरनास्थल वाले क्षेत्र में पहले दिन नोटिस नहीं लगाए गए। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई। चस्पा किए गए नोटिस में भवन का नक्शा भी लगाया गया है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि किस दिशा में कितना सेटबैक छोड़ना अनिवार्य है।
दुकानदारों का विरोध और विभाग का रुख
कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने नोटिस पर लिखे नामों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। हालांकि उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि दुकानदारों के पास अवैध निर्माण स्वयं ध्वस्त करने के लिए केवल दो सप्ताह का समय है। यदि इस अवधि में निर्माण नहीं हटाया गया तो जिला प्रशासन इसे ध्वस्त करेगा और इसका खर्च भी संबंधित दुकानदार से वसूला जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि छोटे या बड़े किसी भी निर्माण को सेटबैक छोड़ने में कोई छूट देने का प्रावधान नहीं है। भवन का मूल स्वरूप वही रहना चाहिए जो आवंटन के समय था।
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एक नजर में स्कीम नंबर 7
कुल भवन - 630
50 वर्ग मीटर तक - 249
51 से 100 वर्ग मीटर तक - 222
101 से 150 वर्ग मीटर तक - 68
151 से 300 वर्ग मीटर तक - 80
301 से 500 वर्ग मीटर तक - 10
501 से 1200 वर्ग मीटर तक - 1
कुल प्लॉट - 230
50 वर्ग मीटर तक - 1
51 से 100 वर्ग मीटर तक - 17
101 से 150 वर्ग मीटर तक - 6
151 से 300 वर्ग मीटर तक - 124
301 से 500 वर्ग मीटर तक - 78
501 से अधिक वर्ग मीटर तक - 4
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परिषद की टीमों ने पहले दिन सेक्टर-9, 10, 11 और 13 में नोटिस चस्पा किए। विशेष बात यह रही कि धरनास्थल वाले क्षेत्र में पहले दिन नोटिस नहीं लगाए गए। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई। चस्पा किए गए नोटिस में भवन का नक्शा भी लगाया गया है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि किस दिशा में कितना सेटबैक छोड़ना अनिवार्य है।
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दुकानदारों का विरोध और विभाग का रुख
कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने नोटिस पर लिखे नामों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। हालांकि उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि दुकानदारों के पास अवैध निर्माण स्वयं ध्वस्त करने के लिए केवल दो सप्ताह का समय है। यदि इस अवधि में निर्माण नहीं हटाया गया तो जिला प्रशासन इसे ध्वस्त करेगा और इसका खर्च भी संबंधित दुकानदार से वसूला जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि छोटे या बड़े किसी भी निर्माण को सेटबैक छोड़ने में कोई छूट देने का प्रावधान नहीं है। भवन का मूल स्वरूप वही रहना चाहिए जो आवंटन के समय था।
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कुल भवन - 630
50 वर्ग मीटर तक - 249
51 से 100 वर्ग मीटर तक - 222
101 से 150 वर्ग मीटर तक - 68
151 से 300 वर्ग मीटर तक - 80
301 से 500 वर्ग मीटर तक - 10
501 से 1200 वर्ग मीटर तक - 1
कुल प्लॉट - 230
50 वर्ग मीटर तक - 1
51 से 100 वर्ग मीटर तक - 17
101 से 150 वर्ग मीटर तक - 6
151 से 300 वर्ग मीटर तक - 124
301 से 500 वर्ग मीटर तक - 78
501 से अधिक वर्ग मीटर तक - 4