चांदपुर बिजनौर सहित कई जिलों को आपस में जोड़ने वाले भीमकुंड गंगा पुल की एप्रोच रोड को टूटे चार दिन बीत चुके हैं। अभी तक सड़क को दुरुस्त करने के काम ने रफ्तार नहीं पकड़ी है। यहां पर कटान का खतरा अभी बरकरार है।
भीमकुंड गंगा पुल का एप्रोच रोड टूटने से लोगों को 100 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर कर बिजनौर बैराज से चांदपुर पहुंचना पड़ रहा है। वहीं पीडब्ल्यूडी को एप्रोच रोड ठीक कराने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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निरीक्षण करते उच्च अधिकारी।
- फोटो : amar ujala
वहीं बुधवार को रुड़की आईआईटी से इंजीनियरों की टीम और लखनऊ से पीडब्ल्यूडी विभाग के उच्च अधिकारी चेतावाला गंगा घाट पर पहुंचे। उन्होंने कटान को रोकने के लिए घंटों मंथन किया। इसके बाद अधिकारियों ने गंगा घाट पर जाकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि गंगा का अधिक जलस्तर और कटान होने के कारण एप्रोच रोड को दुरुस्त करने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वहीं गंगा की धारा भी एप्रोच रोड की ओर घूम गई है, जिससे एप्रोच रोड को दुरुस्त करना बड़ी चुनौती होगी।
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गंगा पुल पर कटान हुआ तेज।
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दो दिनों तक कटान को रोकने के लिए बल्ली और मिट्टी के कट्टे लगाए गए। वहीं सोमवार शाम गंगा में जलस्तर बढ़ने से कटान शुरू हो गया। ऐसे में दो दिनों की मेहनत एक ही झटके में बह गई।
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तेजी से हो रहा कटान।
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मंगलवार को एप्रोच रोड को दुरुस्त करने का कार्य मंद गति से चला। एक सप्ताह में रोड को दुरुस्त करने के पीडब्ल्यूडी के दावे झूठे साबित होते दिखाई दे रहे हैं। वहीं सेतु निगम का बोर्ड पूरी तरह गंगा में समा चुका है। इसे बाहर निकालने का प्रयास नहीं किया गया।
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पुल का हाल।
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पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता एनके शर्मा ने बताया कि एप्रोच रोड को दुरुस्त करने का कार्य चल रहा है। मंगलवार को कटान के चलते दिक्कत आई। बढ़ते जलस्तर के कारण एप्रोच रोड को दुरुस्त करना चुनौती है।