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Meerut News: मानव तस्करी कर मलयेशिया में बंधक बनाने के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

Thu, 08 Oct 2026 01:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 01:00 AM IST
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Anticipatory bail plea rejected for accused of human trafficking and holding victims captive in Malaysia.
70 हजार प्रतिमाह की नौकरी का झांसा देकर नेपाल के रास्ते फर्जी वीजा पर भेजा
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। अदालत ने मलयेशिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बंधक बनाने और 1.60 लाख रुपये ठगने के आरोपी ईशा की जमानत खारिज कर दी है। मानव तस्करी और ठगी के आरोपी के खिलाफ किठौर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि मुजफ्फरनगर निवासी दानिश, शावेजर और रमजान भी उसके भाई की तरह मानव तस्करी कर मलयेशिया भेजे गए थे।
एडीजीसी फरजना मकसूद ने बताया कि किठौर के आसिलपुर गांव निवासी बिल्लू ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसके भाई बब्बर सिंह को बादाम पैक करने की नौकरी दिलाने के नाम पर मलयेशिया ले जाया गया। मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा गांव के ईशा ने उसे 70 हजार रुपये प्रति माह वेतन देने तथा रहने-खाने का खर्च कंपनी द्वारा वहन करने का झांसा दिया गया था। इसके बदले में आरोपी एवं उसके अन्य साथियों ने पीड़ित परिवार से करीब 1.60 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। दो मार्च 2026 को उसे पहले मुंबई एयरपोर्ट ले गया। आरोप लगाया कि कंपनी के एजेंटों के हाथों बब्बर सिंह को बेच दिया गया। उसका भाई पहले इंडोनेशिया भेजा गया। यहां उसके भाई का पासपोर्ट शमीम नाम के एजेंट ने छीन लिया और नेपाल का फर्जी पासपोर्ट दे दिया। इसमें बब्बर सिंह का नाम तजिंदर लिखा हुआ था।
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तीन चार दिन बाद उसे ईशा ने नेपाल के रास्ते मलयेशिया भिजवा दिया। वहां उसे किसी अधिकृत कंपनी के बजाय एक कंपनी में बंधुआ मजदूर बनाकर रख दिया गया। उसे तय वेतन नहीं दिया गया और उससे जबरन काम कराया गया। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया और भारत वापस लौटने की मांग की तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं।
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एडीजे जयवीर सिंह नागर ने जमानत याचिका पर दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद कहा कि धोखाधड़ी कर विदेश भेजने और बंधुआ मजदूरी कराने जैसे गंभीर अपराध में आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। उन्होंने जमानत याचिका खारिज कर दी।
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