फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Anish killed Papindra to avenge a slap.

Meerut News: थप्पड़ का बदला लेने के लिए अनिश ने की थी पपिंद्र की हत्या

Mon, 07 Sep 2026 09:55 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 09:55 PM IST
विज्ञापन
Anish killed Papindra to avenge a slap.
- नाटकीय घटनाक्रम के बाद एक आरोपी जेल भेजा, तीन नामजद आरोपियों को परिजनों को सौंपा
विज्ञापन

पुलिस बोली-शराब नहीं लाने पर हुआ विवाद, पहले डंडा मारा फिर गला दबाकर मारा डाला

माई सिटी रिपोर्टर/संवाद
मेरठ/सरधना। नाटकीय घटनाक्रम के बाद सरधना पुलिस ने पपिंद्र हत्याकांड का सोमवार को खुलासा कर दिया। पुलिस का कहना है कि गांव निवासी अनिश ने शराब नहीं लाने पर हुए विवाद में थप्पड़ का बदला लेने के लिए पपिंद्र के सिर में डंडा मारकर और गला दबाकर हत्या की। इसके बाद शव कूड़े के ढेर में दबा दिया।पुलिस ने इस मामले में नामजद किए गए तीन अन्य आरोपियों कल्लू, गोविंदा और मोनिज के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिलने पर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। वहीं, अनिश को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि दो सितंबर की रात पपिंद्र और अनिश घर के बाहर खाली प्लॉट में बैठकर शराब पी रहे थे। शराब खत्म होने पर अनिश ने पपिंद्र को 100 रुपये दिए और एक पव्वा और मंगवाया। दोनों ने मिलकर शराब पी। कुछ देर बाद अनिश ने पपिंद्र से दोबारा शराब लाने के लिए कहा। पपिंद्र ने रुपये नहीं होने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई।
विज्ञापन

पुलिस के मुताबिक, कहासुनी के दौरान अनिश ने पपिंद्र को अपशब्द कह दिए। इससे नाराज पपिंद्र ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। अनिश कुछ देर वहीं बैठा रहा और खुद शराब लेकर आने की बात कहकर वहां से चला गया। अनिश कुछ देर बाद घर से डंडा लेकर वापस आया और पीछे से पपिंद्र के सिर पर वार कर दिया। सिर में डंडा लगते ही पपिंद्र जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद अनिश ने उसका गला दबा दिया, इससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी दोबारा अपने घर गया और वहां से फावड़ा लेकर घटनास्थल पर पहुंचा। उसने पास में पड़े कूड़े के ढेर में फावड़े से जगह बनाई और पपिंद्र के शव को उसमें डालकर ऊपर से कूड़े में छिपा दिया था। आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल के पास लकड़ियों के ढेर से हत्या में प्रयुक्त डंडा और फावड़ा बरामद कर लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


--------
भाई और पुलिस ने दस साल पुरानी रंजिश में वारदात की दी थी जानकारी
पपिंद्र के भाई बिट्टू ने बताया था कि वह वर्ष 2016 में लुधियाना के खन्ना शहर के पास काम करता था। उसके साथ ही कल्लू का भाई बलराम उर्फ बलिया भी काम करता था। वहां जनवरी 2016 में बलराम की हत्या कर दी गई थी। किसी युवती से संबंध के शक में यह वारदात की गई थी और उसका प्राइवेट पार्ट भी काट दिया था। इस मामले में पुलिस ने अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की थी। इसके बावजूद कल्लू को शक था कि वारदात में बिट्टू का हाथ है। वह उससे इसका बदला लेना चाहता था लेकिन वह सतर्क रहता था। बिट्टू ने आरोप लगाया कि इसी रंजिश में चार आरोपियों ने उसके भाई की हत्या की है। एसपी देहात ने शुरुआती जांच में इसी रंजिश में वारदात की जानकारी आने की पुष्टि की थी।

--------
पिता की सुपुर्दगी में देने के बाद भाग गया था अनिश
बिट्टू ने शनिवार रात जानकारी दी थी कि पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उसे फोटो दिखाकर उनकी पहचान करा ली है। रविवार शाम अनिश के पुलिस हिरासत से भागने की सूचना मिली। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर दावा किया था कि अनिश को 24 घंटे हिरासत में लिए हो जाने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट न आने और उसके खिलाफ साक्ष्य न मिलने के कारण उसे उसके पिता जीवन के सुपुर्द कर दिया गया था। इसके बाद वह भाग गया। जबकि तीन अन्य आरोपियों के संबंध में पुलिस ने दावा किया कि उन्हें रविवार को पकड़ा था, इसके चलते उन्हें परिजनों के सुपुर्द नहीं किया गया।

---------
नाटकीय घटनाक्रम पर उठ रहे ये सवाल
एक आरोपी अनिश ने ही सिर में डंडा मारकर और गला दबाकर हत्या कर दी और शव भी छिपा दिया।
पपिंद्र के भाई ने शनिवार को चारों आरोपियों के हिरासत में लेने और फोटो दिखाने की जानकारी दी।

रविवार को पुलिस ने केवल वारदात के आरोपी अनिश को उसके पिता की सुपुर्दगी में दिया।
अनिश को थाने से उसके पिता के सुपुर्द किया था, जबकि उसके सलावा चौकी से भागने की सूचना मिली।

पुलिस भी सलावा चौकी और नहर के आसपास उसे तलाश रही थी और खेल विवि के पास से वह पकड़ा।
हिरासत में रखे गए तीन आरोपी कुछ घंटे बाद ही निर्दोष निकले और सुपुर्दगी में दिए अनिश के खिलाफ साक्ष्य मिले।
--
प्राथमिकी की जांच अभी जारी है : एसपी
इस मामले में नामजद किए गए आरोपी कल्लू, गोविंदा और मोनिज के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसके चलते उन्हें उनके परिजन की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। इस केस की जांच अभी जारी है। अगर उनके खिलाफ कोई साक्ष्य मिलते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। अभिजीत कुमार, एसपी देहात
--------------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed