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Meerut News: ग्रामीणों की झूठी शिकायत पर फैक्टरी को जबरन बंद कराने का आरोप
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रंजिश के चलते फैक्टरी पर लगा ताला, फैक्टरी मालिक ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार
सरधना। गांव अलीपुर स्थित शांतनु ट्रेडर्स के मालिक शांतनु ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि कुछ ग्रामीणों द्वारा व्यक्तिगत रंजिश के चलते प्रशासन को लगातार झूठी और भ्रामक शिकायतें भेजी जा रही हैं। इसके आधार पर स्थानीय प्रशासन ने उनकी फैक्टरी को जबरन बंद करा दिया है।
शांतनु ने बताया कि उनकी फैक्टरी वर्ष 2024 से जीएसटी के अंतर्गत विधिवत रूप से पंजीकृत है। उसमें मुख्य रूप से लोहे के गेट बनाने का कार्य होता है। इस कार्य से न तो कोई ध्वनि प्रदूषण होता है और न ही जल या वायु प्रदूषण। फैक्टरी में इस समय चार श्रमिक कार्यरत हैं, जो अपने परिवारों के पालन-पोषण के लिए इस पर निर्भर हैं।
शांतनु ने बताया कि उसके पास इस फैक्टरी के अलावा आय का और कोई साधन नहीं है। बिना किसी कानूनी आदेश या नोटिस के फैक्टरी को बंद कर दिया गया है। इससे उसका और कर्मचारियों का जीवन संकट में आ गया है।
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आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों द्वारा उस पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। शांतनु का आरोप है कि प्रशासन की धमकियों को अनदेखा करने पर जबरन फैक्टरी पर ताला डलवा दिया। पीड़ित ने फैक्टरी खोलने की अनुमति और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर का कहना है कि प्रार्थना पत्र के आधार पर जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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सरधना। गांव अलीपुर स्थित शांतनु ट्रेडर्स के मालिक शांतनु ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि कुछ ग्रामीणों द्वारा व्यक्तिगत रंजिश के चलते प्रशासन को लगातार झूठी और भ्रामक शिकायतें भेजी जा रही हैं। इसके आधार पर स्थानीय प्रशासन ने उनकी फैक्टरी को जबरन बंद करा दिया है।
शांतनु ने बताया कि उनकी फैक्टरी वर्ष 2024 से जीएसटी के अंतर्गत विधिवत रूप से पंजीकृत है। उसमें मुख्य रूप से लोहे के गेट बनाने का कार्य होता है। इस कार्य से न तो कोई ध्वनि प्रदूषण होता है और न ही जल या वायु प्रदूषण। फैक्टरी में इस समय चार श्रमिक कार्यरत हैं, जो अपने परिवारों के पालन-पोषण के लिए इस पर निर्भर हैं।
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शांतनु ने बताया कि उसके पास इस फैक्टरी के अलावा आय का और कोई साधन नहीं है। बिना किसी कानूनी आदेश या नोटिस के फैक्टरी को बंद कर दिया गया है। इससे उसका और कर्मचारियों का जीवन संकट में आ गया है।
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आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों द्वारा उस पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। शांतनु का आरोप है कि प्रशासन की धमकियों को अनदेखा करने पर जबरन फैक्टरी पर ताला डलवा दिया। पीड़ित ने फैक्टरी खोलने की अनुमति और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर का कहना है कि प्रार्थना पत्र के आधार पर जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।