अलकरीम पर एमडीए का पांच घंटे का ‘फ्लॉप शो’
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मंगलवार सुबह नौ बजे से ही होटल पर होटल संचालक के पक्ष के लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। दर्जनों महिलाएं भी पहुंच गई थीं। होटल संचालक समर्थकों ने होटल के सामने कोल्डड्रिंक के कैरेट रख दिए और मुर्गे से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां अड़ा दीं। एक घंटे बाद एमडीए की जेसीबी और पुलिस फोर्स आ गई। इस दौरान मेरठ व्यापार मंडल के जीतू नागपाल, घंटाघर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुहेल सैफी, फजले अजीम, मोनू अलवी, दीपांशु अरोड़ा, बदर अली आदि पहुंच गए। सभी लोेग होटल संचालक नासिर इलाही के साथ एमडीए आफिस पहुंचे और जोनल अधिकारी आरके गुप्ता को ज्ञापन देकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई स्थगित करने और सामान खुद हटाने के लिए तीन से चार सप्ताह का समय देने की मांग की।
ज्ञापन देकर लौटने के बाद होटल संचालक ने दूसरी मंजिल का फर्नीचर खुद हटवाने का काम शुरू करा दिया। दूसरी मंजिल के बाहरी शीशे भी तुड़वा दिए। साथ ही एमडीए के जेई देवेंद्र सिंह से भी ध्वस्तीकरण टालने का अनुरोध किया। जेई ने जोनल अधिकारी से फोन पर वार्ता की। एक घंटे बाद जोनल अधिकारी आरके गुप्ता खुद मौके पर आए। उन्होंने मौके की वीडियोग्राफी कराई। होटल संचालक और व्यापारी नेताओं से बात की। एसपी सिटी कार्यालय में एसपी सिटी, सीओ कोतवाली के साथ एक घंटे वार्ता चली। इसके बाद टीम बिना कार्रवाई किए फिर लौट गई।
हिम्मत है तो दूसरे होटल गिराकर दिखाओ
होटल पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए पहुंचे एमडीए के जेई देवेंद्र सिंह को देखकर कई व्यापारी भड़क गए। उन्होंने उनका घेराव कर दिया। एक व्यापारी ने कहा कि एक होटल के पीछे पूरा एमडीए पड़ा है। शहर में और भी कई अवैध निर्माण चल रहे हैं, उन्हें ध्वस्त करने की हिम्मत एमडीए में नहीं है। ब्रह्मपुरी के एक होटल का नाम लेकर कहा कि हिम्मत है, तो वहां जाकर उसे तोड़कर दिखाओ। यह होटल एक मुस्लिम का है, इसलिए इसके पीछे पडे़ हो। दूसरे व्यापारी ने कहा, पूरी लॉबी इस होटल के पीछे पड़ी है। इसके पीछे आरएसएस का हाथ है। हंगामा होने पर एमडीए की टीम एसपी सिटी आफिस में जाकर बैठ गई और जोनल अधिकारी के आने के बाद ही बाहर आई।
जाम के हालात बने रहे
होटल के सामने भीड़ जमा होने की वजह से पांच घंटे घंटाघर पर जाम के हालात बने रहे। एक बार तो युवकों की भीड़ ने वहां से गुजरने वाले वाहनों को भी रोकना शुरू कर दिया था, लेकिन कुछ व्यापारियों के समझाने पर वे शांत हुए।
संचालक का तर्क
होटल संचालक नासिर इलाही का कहना है कि हाईकोर्ट और मेरठ मंडलायुक्त के यहां याचिका लंबित है। दोनों जगह क्रमश: 19 और 18 अप्रैल की डेट लगी है। इसलिए मैंने एमडीए प्रशासन से अनुरोध किया है कि मुझे कुछ समय दिया जाए। वैसे भी होटल घनी आबादी में है, इसे ध्वस्त किए जाने से जान-माल का खतरा है।
वर्जन
- होटल संचालक ने दूसरी मंजिल का अतिक्रमण खुद हटाने का लिखित आश्वासन दिया है। पूरा सामान हटाने के लिए तीन सप्ताह का वक्त मांगा है। उससे शपथ पत्र मांगा गया है। शपथ पत्र मिलने के बाद पूरे प्रकरण को उच्चाधिकारियों के सामने रखा जाएगा। उनके स्तर से ही अंतिम निर्णय होगा।
- आरके गुप्ता, जोनल अधिकारी एमडीए