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मिलावटी तेल में अंजता पेट्रोल पंप मालिक पर मुकदमा
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मेरठ। नकली तेल के सौदागर अजंता पेट्रोल पंप के मालिक व कर्मचारियों के खिलाफ बुधवार देर रात थाना सदर बाजार पर धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मुकदमा लिखा गया। आरोप है कि पंप से पेट्रोल लेकर बाइक में डलवाया था, जिससे इंजन खराब हो गया। इस मामले की शिकायत एसएसपी से की गई थी।
नौचंदी थानाक्षेत्र के रामबाग कॉलोनी निवासी शरीफ तहसील सदर में कर्मचारी हैं। उन्होंने थाना नौचंदी पर अजंता पेट्रोल पंप के मालिक और कर्मचारियों के खिलाफ दी तहरीर में बताया कि भैसाली बस अड्डे के पास अजंता पेट्रोल पंप है, जहां से वह रोज बाइक में पेट्रोल डलवाते थे। तेल के हिसाब से बाइक कम चलती थी। इसकी शिकायत पंप के कर्मचारियों से की। कर्मचारी दावा करते थे कि उनके यहां तेल प्योर व पूरा मिलता है। ये बात बोर्ड पर भी लिखी है। अचानक उनकी बाइक की आवाज बदल गई और काला धुआं देने लगी।
वह बाइक को मिस्त्री के पास लेकर गए तो मिस्त्री ने इंजन ऑयल डालने की बात कही। जब उन्होंने पूछा कि नई बाइक का इंजन इतनी जल्दी कैसे खराब हो सकता है तो मिस्त्री ने बताया कि पेट्रोल पंप से नकली तेल ने इंजन को खराब किया है। शरीफ के अनुसार इससे उनका आर्थिक नुकसान होने के साथ मानसिक पीड़ा भी हुई। इस तहरीर पर एसएसपी ने मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। चूंकि अजंता पेट्रोल पप सदर बाजार थानाक्षेत्र में आता है, इसलिए इसका प्रार्थना पत्र सदर बाजार थाने ट्रांसफर किया गया।
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इसी पेट्रोल पंप पर लगी थी सील
परतापुर और टीपीनगर में राजीव जैन व प्रदीप गुप्ता की केमिकल फैक्टरी में नकली पेट्रोल-डीजल तैयार होकर भैसाली अड्डे के पास अजंता पेट्रोल पंप, बेगमपुल स्थित पीपी मोटर्स और टीपीनगर में अजंता पेट्रोल पंप पर जाता था। यह बात आरोपियों ने पूछताछ में बताई थी। जिसके बाद पुलिस ने तीनों पेट्रोल पंपों पर सील लगाई थी। हालांकि ये सील सात घंटे बाद ही खोल दी गई थी।
पेट्रोल पंपों की घेराबंदी शुरू
दोनों केमिकल फैक्टरी में रोजाना 60 हजार लीटर नकली तेल बन रहा था, जोकि पेट्रोल पंपों पर सप्लाई हो रहा था। पुलिस ने केमिकल फैक्टरी मालिक और कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि नकली तेल खरीदकर लोगों को बेचने वाले पेट्रोल पंप मालिकों को बचाया जा रहा था। लेकिन पब्लिक अब सामने आ रही है। जिसके बाद पुलिस पेट्रोल पंप मालिकों पर केस दर्ज करने में लगी है।
ऑयल डिपो को भेजी चिट्ठी
पुलिस ने ऑयल डिपो को चिट्ठी भेजी है, ताकि वह भी पेट्रोल पंपों की जांच करें। जिला आपूर्ति विभाग इस मामले में खामोश बैठा है। इसकी सारी जानकारी शासन को भेज दी गई। अंदेशा जताया जा रहा कि आपूर्ति विभाग पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। पुलिस और प्रशासन के कुछ अधिकारी पेट्रोल पंप मालिकों को बचाने में लगे हैं।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
पीड़ित शरीफ के प्रार्थनापत्र पर अजंता पेट्रोल पंप के मालिक व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। संजीव देशवाल, सीओ कैंट
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नौचंदी थानाक्षेत्र के रामबाग कॉलोनी निवासी शरीफ तहसील सदर में कर्मचारी हैं। उन्होंने थाना नौचंदी पर अजंता पेट्रोल पंप के मालिक और कर्मचारियों के खिलाफ दी तहरीर में बताया कि भैसाली बस अड्डे के पास अजंता पेट्रोल पंप है, जहां से वह रोज बाइक में पेट्रोल डलवाते थे। तेल के हिसाब से बाइक कम चलती थी। इसकी शिकायत पंप के कर्मचारियों से की। कर्मचारी दावा करते थे कि उनके यहां तेल प्योर व पूरा मिलता है। ये बात बोर्ड पर भी लिखी है। अचानक उनकी बाइक की आवाज बदल गई और काला धुआं देने लगी।
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वह बाइक को मिस्त्री के पास लेकर गए तो मिस्त्री ने इंजन ऑयल डालने की बात कही। जब उन्होंने पूछा कि नई बाइक का इंजन इतनी जल्दी कैसे खराब हो सकता है तो मिस्त्री ने बताया कि पेट्रोल पंप से नकली तेल ने इंजन को खराब किया है। शरीफ के अनुसार इससे उनका आर्थिक नुकसान होने के साथ मानसिक पीड़ा भी हुई। इस तहरीर पर एसएसपी ने मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। चूंकि अजंता पेट्रोल पप सदर बाजार थानाक्षेत्र में आता है, इसलिए इसका प्रार्थना पत्र सदर बाजार थाने ट्रांसफर किया गया।
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इसी पेट्रोल पंप पर लगी थी सील
परतापुर और टीपीनगर में राजीव जैन व प्रदीप गुप्ता की केमिकल फैक्टरी में नकली पेट्रोल-डीजल तैयार होकर भैसाली अड्डे के पास अजंता पेट्रोल पंप, बेगमपुल स्थित पीपी मोटर्स और टीपीनगर में अजंता पेट्रोल पंप पर जाता था। यह बात आरोपियों ने पूछताछ में बताई थी। जिसके बाद पुलिस ने तीनों पेट्रोल पंपों पर सील लगाई थी। हालांकि ये सील सात घंटे बाद ही खोल दी गई थी।
पेट्रोल पंपों की घेराबंदी शुरू
दोनों केमिकल फैक्टरी में रोजाना 60 हजार लीटर नकली तेल बन रहा था, जोकि पेट्रोल पंपों पर सप्लाई हो रहा था। पुलिस ने केमिकल फैक्टरी मालिक और कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि नकली तेल खरीदकर लोगों को बेचने वाले पेट्रोल पंप मालिकों को बचाया जा रहा था। लेकिन पब्लिक अब सामने आ रही है। जिसके बाद पुलिस पेट्रोल पंप मालिकों पर केस दर्ज करने में लगी है।
ऑयल डिपो को भेजी चिट्ठी
पुलिस ने ऑयल डिपो को चिट्ठी भेजी है, ताकि वह भी पेट्रोल पंपों की जांच करें। जिला आपूर्ति विभाग इस मामले में खामोश बैठा है। इसकी सारी जानकारी शासन को भेज दी गई। अंदेशा जताया जा रहा कि आपूर्ति विभाग पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। पुलिस और प्रशासन के कुछ अधिकारी पेट्रोल पंप मालिकों को बचाने में लगे हैं।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
पीड़ित शरीफ के प्रार्थनापत्र पर अजंता पेट्रोल पंप के मालिक व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। संजीव देशवाल, सीओ कैंट