सर! लॉकडाउन में काम बंद है, पैसा है नहीं.. पिता अस्पताल में भर्ती हैं... करें तो क्या करें
सर, काम बंद हो गया है। पिता अस्पताल में भर्ती हैं। पैसा है नहीं। ऐसे में उनका इलाज कराएं तो कैसे। यह दर्द है एक युवक का जिसने सीएमओ से पिता का इलाज करवाने की गुहार लगाई है।
मेरठ में विवेक यादव नाम के इस युवक ने बताया कि वह अररिया बिहार से हैं। यहां रजबन में रहते हैं। उसके पिता गयानंद यादव रेस्टोरेंट में काम करते हैं जो लॉकडाउन के कारण बंद है। इस बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कर गया।
यह भी पढ़ें: लॉकडाउन में घर पर था किसान, हरियाणा के किसानों ने चोरी से काट लिया 30 बीघा गेहूं
युवक ने सीएमओ से बताया कि चिकित्सक इलाज में काफी पैसा खर्च होने की बात कर रहे हैं जो उनके पास नहीं है। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने युवक से उसके पिता को मेडिकल में भर्ती कराने को कहा है।
मजदूर दिवस इस बार शहर के मजदूर वर्ग के लिए कठिन समय लेकर आया है। मजदूर चौक पर जहां सुबह के समय रौनक रहती थी, वहां लॉकडाउन की वजह से सन्नाटा पसरा है। वहीं, निर्माण स्थलों पर भी मजदूरों को कार्य शुरू होने का इंतजार है। जिससे उनकी दो-वक्त की रोजी रोटी का इंतजाम हो सके। हालांकि, सरकार ने फिक्र करते हुए रजिस्टर्ड मजदूरों को उनके भरण-पोषण के लिए एक-एक हजार की सहायता राशि उनके खाते में भेज दी, लेकिन ये भी नाकाफी है। वहीं, उन मजदूरों का क्या होगा जो जॉब कार्ड बनवाने की जुगत में चक्कर काट रहे हैं।
कुछ स्थानों पर मजदूर कुछ कार्य कर अपना गुजारा भत्ता निकाल रहे हैं, लेकिन सरकारी निर्माण कार्यों पर अंकुश लगने के बाद मजदूरों के सामने संकट खड़ा हो गया है। मेरठ में ऐसी 500 से अधिक साइटें हैं, जहां कार्य बंद पड़ा है। इन मजदूरों को अपनी दो वक्त की रोजी-रोटी के लिए भटकना पड़ रहा है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/