बुझ गया घर का इकलौता चिराग, सदमे में परिवार, सड़क हादसे में गई आयुष की जान
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शामली में मेरठ-करनाल हाईवे पर ट्रक की टक्कर से दसवीं के छात्र की मौत हो गई जबकि दो अन्य छात्र घायल हो गए। घटना के बाद चालक ट्रक लेकर भाग गया। बाद में पुलिस ने झिंझाना के पास पकड़कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। उधर, घर का इकतौता चिराग बुझने से परिवार में कोहराम मचा है।
झाल गांव निवासी आयुष पुत्र प्रवीण कुमार करनाल हाईवे स्थित बीएसएम स्कूल में कक्षा 10 का छात्र था। परिजनों के अनुसार स्कूल में छुट्टी होने के बाद करीब डेढ़ बजे वह साइकिल से घर लौट रहा था। करनाल हाईवे पर स्टेट बैंक के सामने से गुजर रहे ट्रक ने उसकी साइकिल में टक्कर मार दी। इसमें आयुष गंभीर रूप से घायल हो गया। ट्रक की टक्कर से साइकिल से जा रहे दो छात्र मुकुल और चिराग भी घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया। इसी दौरान वहां से गुजर रहे ऊन निवासी दो युवक घायलों को लेकर शामली सीएचसी पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने आयुष को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर बीएसएम स्कूल के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह, शिक्षक और स्टाफ के अलावा परिजन भी पहुंच गए। छात्र के पिता ने अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उधर, इंस्पेक्टर कोतवाली सुभाष सिंह राठौर ने बताया कि ट्रक चालक को झिंझाना के पास से पकड़ लिया गया है। ट्रक चालक संसार सिंह निवासी कपूरथला पंजाब का निवासी है।
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अधूरा रह गया नेशनल टैलेंट सेलेक्शन का सपना
बीएसएम स्कूल के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह ने बताया कि आयुष कॉलेज के टॉपर छात्रों में था। हमेशा 90 प्रतिशत से अधिक अंक आते थे। वो नेशनल टैलेंट सर्च एग्जाम की तैयारी कर रहा था। उसे पूरी उम्मीद थी कि वो इसमें सेलेक्ट होगा। अपने टीचर से भी वो यही कहता था। स्कूल स्टाफ को जब उसके साथ हुए हादसे का पता चला तो सभी घटना स्थल पर पहुंचे। स्कूल संचालकों के अनुरोध पर डीएम ने रात को ही छात्र के पोस्टमार्टम के आदेश दिए। इसके बाद रात को ही पोस्टमार्टम के बाद गांव में उसका अंतिम संस्कार किया गया। इसमें स्कूल स्टाफ भी शामिल हुआ। परिजन, ग्रामीण और स्कूल स्टाफ सबकी आंखों में आंसू थे।
सदमे में परिवार
आयुष एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार से था। उसके पिता प्रवीण कुमार खेती करते हैं। मां मुनेश गृहणी हैं। उसके बाबा कलीराम और दादी शीतल और आयुष के चाचा संयुक्त रूप से एक साथ रहते हैं। आयुष के साथ हुए हादसे की खबर जैसे ही घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। उसके चाचा नीरज ने बताया कि आयुष उनके भाई प्रवीण कुमार की इकलौती संतान थी। उसकी मम्मी का बुरा हाल है। पूरा परिवार सदमे में है। चाचा नीरज और लोकेश बेहद गमजदा है।
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