अधिकारी ने पेश की मिसाल, दहेज में लिया सिर्फ एक पौधा, नवविवाहिता के संकल्प से खुश है ससुराल वाले
यूपी के सहारनपुर में दहेज के नाम पर लाखों रुपये लेने वाले समाज के ऐसे लोगों के लिए एक अधिकारी न केवल नजीर साबित होंगे बल्कि उन्होंने समाज के लोगों में दहेज रहित शादी के लिए मिसाल भी पेश की। अधिकारी ने केवल एक पौधा दहेज के रूप में लेकर समाज को नई राह दिखाई है।
जनपद में अपर जिलाधिकारी प्रशासन रहे और वर्तमान में यमुना अथॉरिटी में एसीईओ पद पर कार्यरत पीसीएस अधिकारी सतीश कुमार दूबे के बेटे ने बिना दहेज शादी कर एक अनोखी मिशाल पेश की है। भारतीय स्टेट बैंक के मंडलीय कार्यालय सहारनपुर में उप शाखा प्रबंधक पद पर कार्य कर रहे योगेश ने दहेज के नाम पर एक पौधा ही लिया है। सगाई के समय ही दूल्हे के परिजनों ने तय कर लिया था कि वे दहेज के नाम पर मात्र एक पौधा लेंगे, जिसका नाम परिणय रखा जाएगा।
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जनपद में अपर जिलाधिकारी प्रशासन रहे एसके दूबे के बड़े बेटे योगेश की शादी मंगलवार को आंबेडकर नगर जनपद के कुलदीप उपाध्याय की बेटी खुशबू के साथ हुई है। लड़के पक्ष ने न सिर्फ बिना दहेज शादी की, बल्कि दुल्हन एक पौधे के साथ ससुराल पहुंची। नई नवेली दुल्हन ने दूल्हे योगेश के साथ गृहप्रवेश से पहले पौधरोपण किया। नवदंपती ने विवाह की वर्षगांठ और जीवन में आने वाले सभी शुभ अवसरों पर पौधरोपण करने और उनकी देखरेख करने का संकल्प लिया। खास बात यह रही कि शादी में आए मेहमानों को भी विदाई के समय पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।
बता दें कि वर्तमान में गौतमबुद्ध नगर में यमुना अथॉरिटी के एसीईओ पद पर कार्यरत एसके दूबे ने बताया कि उनका बड़ा बेटा सहारनपुर में स्टेट बैंक के मंडलीय कार्यालय में उप शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत है। वे और उनकी पत्नी कुसुम बेटे की शादी के माध्यम से यह संदेश देना चाहते थे कि लड़की ही सबसे बड़ा दहेज होती है। जबकि पौधे के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के बारे में लोगों को जागरूक करना उनकी इच्छा थी।
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