सहारनपुर: बेटे की शादी में मिला दहेज तो पिता ने पेश की मिसाल, बोले हमारे लिए 'दुल्हन ही दहेज'
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रामपुर क्षेत्र के गांव नल्हेडा गुर्जर के संभ्रांत परिवार से संबंध रखने वाले डॉ. मगनपाल के बेटे अभिषेक की शादी रुड़की में हुई है। लड़की वालों ने जब लड़के पक्ष को दहेज के रूप में कैश, गहने, फर्नीचर आदि देना चाहा तो डा मगन पाल ने लडकी को ही सबसे बड़ा दहेज कहते हुए कोई भी सामान लेने से मना कर दिया। उन्होंने शगुन के तौर पर सिर्फ एक रुपया लड़की पक्ष से ग्रहण किया।
मगन पाल के द्वारा उठाया गया यह कदम क्षेत्र में मिसाल बन गया है। समाज में जहां दहेज की वजह से प्रतिवर्ष बहुत सी लड़कियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है तो वहीं बहुत सी लड़कियों की शादियां भी टूटती हैं।
गांव के ही राकेश पंवार ने कहा कि समाज में बड़ी-बड़ी शादियों और उनके दान के बारे में चर्चा करने की बजाय एक रुपए वाली शादियों की चर्चा होनी चाहिए। यही नहीं समाज के जिम्मेदार लोगों को शादी में एक रुपया लेने वाले दूल्हे और उसके परिजनों को सामाजिक मंचों पर उचित सम्मान देना चाहिए।