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बार बार पैच वर्क, फिर टूटी सड़क
Meerut
Updated Mon, 15 Dec 2014 05:30 AM IST
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मेरठ। दिल्ली रोड से नूरनगर जाने वाली सड़क बार बार पैच वर्क कराने के बाद भी टूटती ही जा रही है। अब तो साफ होने लगा है कि इस निर्माण में तगड़ा गोलमाल हुआ है। अमर उजाला द्वारा इस मामले का खुलासा करने पर डीएम ने सख्ती दिखाई तो ठेकेदार ने यहां जगह जगह पैच वर्क कर लीपापोती की कोशिश की। बावजूद इसके सड़क टूटती जा रही है। रविवार को सड़क कई स्थानों से फिर उखड़ गई। उधर, बार बार पैच वर्क होने से सड़क का स्वरूप भी बिगड़ गया है। एमडीए वीसी के मुताबिक, संबंधित ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि आईआईटी की टीम से जांच कराई जा रही है।
दिल्ली रोड से नूर नगर जाने वाले मार्ग पर को जीत कंस्ट्रक्शन ने 1.28 करोड़ रुपये की लागत से बनाया था। निर्माण में इस कदर गोलमाल हुआ कि एक माह बाद ही सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए। कई जगह से रोड उखड़ गई। डीएम की सख्ती के बाद ठेकेदार ने लीपापोती शुरू कर दी। चार दिन तक पैचवर्क कराया गया। शनिवार को पैचवर्क खत्म हुआ। शनिवार को सड़क फिर से टूटनी शुरू हो गई।
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एमडीए बताए कि सड़क क्यों टूटी
अमर उजाला ने इस मामले को 28 नवंबर और 9 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद ठेकेदार ने आनन-फानन में दो बार में 14 स्थानों पर पैच वर्क कराया। पैच वर्क होने के बाद भी सड़क टूटती जा रही है। जहां पैच वर्क किया गया, वहां से दूसरी जगह पर सड़क में गड्ढे हो गए हैं। घटिया निर्माण की पोल खुलने के बाद भी एमडीए अधिकारी आईआईटी की टीम से सैंपलिंग कराने की बात कह रहे हैं। यानी डीएम की जांच पर उन्हें भरोसा ही नहीं है। यदि एमडीए अफसर मान रहे है कि सब कुछ ठीक हुआ तो फिर सड़क एक माह में कैसे टूट गई।
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जिलाधिकारी ने कराई जांच:
मामले का भंडाफोड़ होने पर डीएम पंकज यादव ने मामले की जांच एसडीएम सदर रविश गुप्ता और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन आरके मिश्रा को सौंप दी। कहा कि तत्काल सैंपल लेकर रिपोर्ट पेश की जाए। एसडीएम और एक्सईएन ने सैंपल लेकर जांच कराई तो वे फेल हो गए। इस पर डीएम ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने और चरित्र व हैसियत प्रमाणपत्र निरस्त करने के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
वर्जन
आईआईटी की टीम से भी एक जांच करा लेते हैं, ताकि कोई गुंजाइश न रह जाए। वहां से भी सैंपल फेल हो गया तो ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर कार्रवाई की जाएगी। -राजेश कुमार, वीसी एमडीए
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दिल्ली रोड से नूर नगर जाने वाले मार्ग पर को जीत कंस्ट्रक्शन ने 1.28 करोड़ रुपये की लागत से बनाया था। निर्माण में इस कदर गोलमाल हुआ कि एक माह बाद ही सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए। कई जगह से रोड उखड़ गई। डीएम की सख्ती के बाद ठेकेदार ने लीपापोती शुरू कर दी। चार दिन तक पैचवर्क कराया गया। शनिवार को पैचवर्क खत्म हुआ। शनिवार को सड़क फिर से टूटनी शुरू हो गई।
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एमडीए बताए कि सड़क क्यों टूटी
अमर उजाला ने इस मामले को 28 नवंबर और 9 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद ठेकेदार ने आनन-फानन में दो बार में 14 स्थानों पर पैच वर्क कराया। पैच वर्क होने के बाद भी सड़क टूटती जा रही है। जहां पैच वर्क किया गया, वहां से दूसरी जगह पर सड़क में गड्ढे हो गए हैं। घटिया निर्माण की पोल खुलने के बाद भी एमडीए अधिकारी आईआईटी की टीम से सैंपलिंग कराने की बात कह रहे हैं। यानी डीएम की जांच पर उन्हें भरोसा ही नहीं है। यदि एमडीए अफसर मान रहे है कि सब कुछ ठीक हुआ तो फिर सड़क एक माह में कैसे टूट गई।
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जिलाधिकारी ने कराई जांच:
मामले का भंडाफोड़ होने पर डीएम पंकज यादव ने मामले की जांच एसडीएम सदर रविश गुप्ता और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन आरके मिश्रा को सौंप दी। कहा कि तत्काल सैंपल लेकर रिपोर्ट पेश की जाए। एसडीएम और एक्सईएन ने सैंपल लेकर जांच कराई तो वे फेल हो गए। इस पर डीएम ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने और चरित्र व हैसियत प्रमाणपत्र निरस्त करने के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
वर्जन
आईआईटी की टीम से भी एक जांच करा लेते हैं, ताकि कोई गुंजाइश न रह जाए। वहां से भी सैंपल फेल हो गया तो ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर कार्रवाई की जाएगी। -राजेश कुमार, वीसी एमडीए