{"_id":"52-53449","slug":"Meerut-53449-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में 1285 स्थानों पर होगा होलिका दहन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में 1285 स्थानों पर होगा होलिका दहन
Meerut
Updated Tue, 26 Mar 2013 05:31 AM IST
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मेरठ। होली का त्योहार सौहार्दपूर्ण संपन्न कराने के लिए अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस और प्रशासन ने जिले के संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया है। जिले में पुलिस समेत अतिरिक्त फोर्स के रूप में एक कंपनी पीएसी तैनात रहेगी। वहीं आरएएफ मिलने की भी संभावना है।
जिले के शहरी क्षेत्र में 545 और देहात क्षेत्र में 740 स्थानों पर होलिका दहन होगा। बहसूमा, हस्तिनापुर, जानी तथा दौराला में होली पर मेला लगेगा तथा लालकुर्ती में 400 से 500 लोग जुलूस निकालेंगे। इसके अलावा यह भी मालूम चला है कि शहरी क्षेत्र में मिश्रित आबादी वाले 70 और देहात क्षेत्र में 73 स्थान हैं। पूर्व की घटनाओं के मद्देनजर सरधना क्षेत्र का गांव खिर्वा जलालपुर, इंचौली का समस पट्टी, मवाना का आनंद महामाई की बिल्डिंग तथा फलावदा क्षेत्र में बातनौर गांव चिह्नित हुआ है। इसके चलते इन स्थानों पर पुलिस की खास निगरानी रहेगी। डीआईजी के सत्यनारायणा ने बताया कि मेरठ के साथ ही गाजियाबाद, बुलंदशहर, बागपत, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ जनपद के भी संवेदनशील इलाकों को चिह्नित किया गया है। वहां कड़ी चौकसी बरतने तथा परीक्षितगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है।
मेरठ में चिह्नित स्थान
शहर के बेगमबाग और हीरालाल बिल्डिंग के सामने होलिका दहन को लेकर प्रशासन गंभीर है। वहीं, खटीकान मोहल्ले के लोगों ने डीएम से शिकायत की कि छह वर्ष पूर्व तक होलिका दहन काली माता मंदिर के सामने होता रहा है, लेकिन उसका स्थान बदलकर हीरा बिल्डिंग के सामने करके नई परिपाटी बनाई जा रही है। इसमें परिवर्तन कराया जाना चाहिए।
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संवेदनशील गांवों में पुलिस का कैंप, मांगी रिपोर्ट
डीआईजी के सत्यनारायणा ने चिह्नित संवेदनशील गांवों की लिस्ट बनवाने के बाद संबंधित थानों को भिजवा दी। इसके साथ ही निर्देश दिया कि उन गांवों में एक दारोगा तथा दो सिपाहियों को भेजकर कैंप कराया जाए। हालांकि अभी किसी थाने से डीआईजी के यहां रिपोर्ट नहीं भेजी गई है कि अब क्या स्थिति है।
अति संवेदनशील जिलों में शामिल
मेरठ होली को लेकर प्रदेश के 21 अति संवेदनशील जिलों में शामिल है। इनमें मुरादाबाद, संभल, बरेली, शाहजहांपुर, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, बहराइच, बलरामपुर, गोरखपुर, वाराणसी, श्रावस्ती, गाजीपुर, इलाहाबाद, मऊ, आजमगढ़ व फिरोजाबाद भी हैं। इसके चलते आईजी (कानून व्यवस्था) आरके विश्वकर्मा ने निर्देश जारी किया कि होलिका दहन के मौके पर खास चौकसी रखी जाए। कहीं तनाव की स्थिति आती है तो दोनों पक्षों को बैठाकर समझाया जाए। बात न बने तो पाबंद करने की कार्रवाई की जाए। किसी भी दशा में एक पक्षीय कार्रवाई न की जाए। अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध के तौर पर विभिन्न जिलों में 39 कंपनी पीएसी, 12 कंपनी आरएएफ, 20 अपर पुलिस अधीक्षक व पुलिस उपाधीक्षक, 2067 रिक्रूट सिपाही व दारोगा और हेड कांस्टेबलों की तैनाती की गई है।
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जिले के शहरी क्षेत्र में 545 और देहात क्षेत्र में 740 स्थानों पर होलिका दहन होगा। बहसूमा, हस्तिनापुर, जानी तथा दौराला में होली पर मेला लगेगा तथा लालकुर्ती में 400 से 500 लोग जुलूस निकालेंगे। इसके अलावा यह भी मालूम चला है कि शहरी क्षेत्र में मिश्रित आबादी वाले 70 और देहात क्षेत्र में 73 स्थान हैं। पूर्व की घटनाओं के मद्देनजर सरधना क्षेत्र का गांव खिर्वा जलालपुर, इंचौली का समस पट्टी, मवाना का आनंद महामाई की बिल्डिंग तथा फलावदा क्षेत्र में बातनौर गांव चिह्नित हुआ है। इसके चलते इन स्थानों पर पुलिस की खास निगरानी रहेगी। डीआईजी के सत्यनारायणा ने बताया कि मेरठ के साथ ही गाजियाबाद, बुलंदशहर, बागपत, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ जनपद के भी संवेदनशील इलाकों को चिह्नित किया गया है। वहां कड़ी चौकसी बरतने तथा परीक्षितगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है।
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मेरठ में चिह्नित स्थान
शहर के बेगमबाग और हीरालाल बिल्डिंग के सामने होलिका दहन को लेकर प्रशासन गंभीर है। वहीं, खटीकान मोहल्ले के लोगों ने डीएम से शिकायत की कि छह वर्ष पूर्व तक होलिका दहन काली माता मंदिर के सामने होता रहा है, लेकिन उसका स्थान बदलकर हीरा बिल्डिंग के सामने करके नई परिपाटी बनाई जा रही है। इसमें परिवर्तन कराया जाना चाहिए।
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संवेदनशील गांवों में पुलिस का कैंप, मांगी रिपोर्ट
डीआईजी के सत्यनारायणा ने चिह्नित संवेदनशील गांवों की लिस्ट बनवाने के बाद संबंधित थानों को भिजवा दी। इसके साथ ही निर्देश दिया कि उन गांवों में एक दारोगा तथा दो सिपाहियों को भेजकर कैंप कराया जाए। हालांकि अभी किसी थाने से डीआईजी के यहां रिपोर्ट नहीं भेजी गई है कि अब क्या स्थिति है।
अति संवेदनशील जिलों में शामिल
मेरठ होली को लेकर प्रदेश के 21 अति संवेदनशील जिलों में शामिल है। इनमें मुरादाबाद, संभल, बरेली, शाहजहांपुर, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, बहराइच, बलरामपुर, गोरखपुर, वाराणसी, श्रावस्ती, गाजीपुर, इलाहाबाद, मऊ, आजमगढ़ व फिरोजाबाद भी हैं। इसके चलते आईजी (कानून व्यवस्था) आरके विश्वकर्मा ने निर्देश जारी किया कि होलिका दहन के मौके पर खास चौकसी रखी जाए। कहीं तनाव की स्थिति आती है तो दोनों पक्षों को बैठाकर समझाया जाए। बात न बने तो पाबंद करने की कार्रवाई की जाए। किसी भी दशा में एक पक्षीय कार्रवाई न की जाए। अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध के तौर पर विभिन्न जिलों में 39 कंपनी पीएसी, 12 कंपनी आरएएफ, 20 अपर पुलिस अधीक्षक व पुलिस उपाधीक्षक, 2067 रिक्रूट सिपाही व दारोगा और हेड कांस्टेबलों की तैनाती की गई है।