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10 लाख से ज्यादा टर्नओवर वालों की होगी नियमित जांच
Updated Sun, 13 May 2018 02:08 AM IST
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10 लाख से ज्यादा टर्नओवर तो होगी नियमित जांच
मेरठ। जीएसटी के तहत 10 लाख से ज्यादा टर्नओवर वालों की नियमित जांच कराई जाएगी। वहीं, ऐसे व्यापारी जो जुलाई 2017 से पहले वैट में रजिस्टर्ड थे। लेकिन उन्होंने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। अगर इनका पिछले साल का टर्नओवर 10 लाख रुपये से ज्यादा मिलता है तो इनकी जांच कराई जाएगी। इसकी सूचना हर सप्ताह इम्पलाई इन्फोर्मेशन सिस्टम में दिए गए मॉड्यूल में भेजी जाएगी।
इनके अलावा ऐसे व्यापारी जो जुलाई 2017 से पहले वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत थे, उन्होंने जीएसटी में माइग्रेट भी कराया। लेकिन बाद में पंजीकरण निरस्त करा लिया। उनकी भी जांच की जाएगी। वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा ने बताया कि मेरठ में करीब 52 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं, इनमें से तकरीबन 20 हजार ऐसे हैं, जिन्होंने नया पंजीकरण कराया है। इनकी भी जांच कराई जा रही है। एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि जांच अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि व्यापारी की ओर से दर्ज कराए गए पते पर अगर व्यापार होता नहीं मिलता है तो उसका पंजीकरण निरस्त कर दिया जाए।
खास बातें:
जीएसटी
बताए गए पते पर व्यापार होता न मिला तो होगी कार्रवाई
अधिकारियों को हर सप्ताह भेजनी होगी सूचना
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मेरठ। जीएसटी के तहत 10 लाख से ज्यादा टर्नओवर वालों की नियमित जांच कराई जाएगी। वहीं, ऐसे व्यापारी जो जुलाई 2017 से पहले वैट में रजिस्टर्ड थे। लेकिन उन्होंने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। अगर इनका पिछले साल का टर्नओवर 10 लाख रुपये से ज्यादा मिलता है तो इनकी जांच कराई जाएगी। इसकी सूचना हर सप्ताह इम्पलाई इन्फोर्मेशन सिस्टम में दिए गए मॉड्यूल में भेजी जाएगी।
इनके अलावा ऐसे व्यापारी जो जुलाई 2017 से पहले वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत थे, उन्होंने जीएसटी में माइग्रेट भी कराया। लेकिन बाद में पंजीकरण निरस्त करा लिया। उनकी भी जांच की जाएगी। वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा ने बताया कि मेरठ में करीब 52 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं, इनमें से तकरीबन 20 हजार ऐसे हैं, जिन्होंने नया पंजीकरण कराया है। इनकी भी जांच कराई जा रही है। एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि जांच अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि व्यापारी की ओर से दर्ज कराए गए पते पर अगर व्यापार होता नहीं मिलता है तो उसका पंजीकरण निरस्त कर दिया जाए।
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खास बातें:
जीएसटी
बताए गए पते पर व्यापार होता न मिला तो होगी कार्रवाई
अधिकारियों को हर सप्ताह भेजनी होगी सूचना