{"_id":"5cb1fd04bdec2214374a8d29","slug":"81555168516-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव संपन्न, वोटों को लेकर चल रहा है समीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव संपन्न, वोटों को लेकर चल रहा है समीकरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। चुनाव संपन्न होते ही पार्टियों के कार्यकर्ता मतदाताओं को टटोल रहे हैं। इससे साफ होने लगेगा कि क्षेत्र में महागठबंधन एवं भाजपा की टक्कर रहेगी। दोनों ही प्रत्याशियों के समर्थक अपने अपने प्रत्याशी की जीत के दावे कर रहे हैं। बीते विधानसभा चुनाव में मेरठ जिले की सात विधान सभाओं में से छह भाजपा के खाते में गई थीं। वहीं, लोकसभा में मेरठ की चार विधान सभाएं आ रही हैं। जिसमें मेरठ कैंट, किठौर एवं दक्षिण तीनों भाजपा के विधायकों को लोकसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में अधिक से अधिक वोट दिलाने की जिम्मेदारी दी गई थी। अब मतदान के बाद तीनों विधायकों के कद की भी जानकारी मिलेगी। कयास लगाया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार होगा तथा इस चुनाव में अहम भूमिका दर्ज कराने वाले विधायकों को इनाम मिल सकता है। गठबंधन प्रत्याशी के समर्थकों का दावा है कि दलित एवं मुस्लिम वोटर काफी हद तक उनके साथ रहे हैं। खरखौदा क्षेत्र में हुए 69 प्रतिशत मतदान को लेकर भाजपाई खुश हैं। उनका मानना है कि मुस्लिम व दलित तो पहले से ही अपने मतों का प्रयोग करता आ रहे हैं। यदि इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ा है तो इसका सीधा फायदा उनके प्रत्याशी को मिलेगा। उनका दावा है कि भाजपा प्रत्याशी का विरोध तो जरूर था परंतु मोदी के नाम पर खूब वोट मिला है। दोनों प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित बना रहे हैं।
मुख्य बातें
मतदान प्रतिशत बढ़ने से जीत की आस
विज्ञापन
खरखौदा। चुनाव संपन्न होते ही पार्टियों के कार्यकर्ता मतदाताओं को टटोल रहे हैं। इससे साफ होने लगेगा कि क्षेत्र में महागठबंधन एवं भाजपा की टक्कर रहेगी। दोनों ही प्रत्याशियों के समर्थक अपने अपने प्रत्याशी की जीत के दावे कर रहे हैं। बीते विधानसभा चुनाव में मेरठ जिले की सात विधान सभाओं में से छह भाजपा के खाते में गई थीं। वहीं, लोकसभा में मेरठ की चार विधान सभाएं आ रही हैं। जिसमें मेरठ कैंट, किठौर एवं दक्षिण तीनों भाजपा के विधायकों को लोकसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में अधिक से अधिक वोट दिलाने की जिम्मेदारी दी गई थी। अब मतदान के बाद तीनों विधायकों के कद की भी जानकारी मिलेगी। कयास लगाया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार होगा तथा इस चुनाव में अहम भूमिका दर्ज कराने वाले विधायकों को इनाम मिल सकता है। गठबंधन प्रत्याशी के समर्थकों का दावा है कि दलित एवं मुस्लिम वोटर काफी हद तक उनके साथ रहे हैं। खरखौदा क्षेत्र में हुए 69 प्रतिशत मतदान को लेकर भाजपाई खुश हैं। उनका मानना है कि मुस्लिम व दलित तो पहले से ही अपने मतों का प्रयोग करता आ रहे हैं। यदि इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ा है तो इसका सीधा फायदा उनके प्रत्याशी को मिलेगा। उनका दावा है कि भाजपा प्रत्याशी का विरोध तो जरूर था परंतु मोदी के नाम पर खूब वोट मिला है। दोनों प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित बना रहे हैं।
मुख्य बातें
मतदान प्रतिशत बढ़ने से जीत की आस