{"_id":"5a4fe0a64f1c1b346f8b5358","slug":"61515184294-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजेंद्र अग्रवाल ने फिर उठाया हाईकोर्ट बैंच का मुद्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजेंद्र अग्रवाल ने फिर उठाया हाईकोर्ट बैंच का मुद्दा
Updated Sat, 06 Jan 2018 02:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने शुक्रवार को लोकसभा में फिर से हाईकोर्ट बेेंच का मुद्दा उठाया। लोकसभा में उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश (वेतन और सेवा शर्त) संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार देश भर की निचली अदालतों, उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में लगभग 2.60 करोड़ वाद लंबित है। वहीं न्यायालयों में न्यायाधीशों के 6379 पद रिक्त हैं।
सासंद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि कानून मंत्रालय ने वर्ष 2016 और 2017 में न्यायाधीशों की सर्वाधिक नियुक्तियां की है, लेकिन लंबित मामलों की संख्या अभी काफी अधिक है। उत्तर प्रदेश में इस समय 60 लाख कानूनी मामले लंबित है, जबकि 1344 न्यायधीशों के पद रिक्त हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश की न्यायिक प्रणाली काफी खस्ता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए आगरा, गोरखपुर और मेरठ में उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित करने की मांग लंबे समय से हो रही है। इसलिए इन तीन शहरों में बिना किसी विलंब के हाईकोर्ट बेंच स्थापित की जाए।
विज्ञापन
सासंद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि कानून मंत्रालय ने वर्ष 2016 और 2017 में न्यायाधीशों की सर्वाधिक नियुक्तियां की है, लेकिन लंबित मामलों की संख्या अभी काफी अधिक है। उत्तर प्रदेश में इस समय 60 लाख कानूनी मामले लंबित है, जबकि 1344 न्यायधीशों के पद रिक्त हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश की न्यायिक प्रणाली काफी खस्ता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए आगरा, गोरखपुर और मेरठ में उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित करने की मांग लंबे समय से हो रही है। इसलिए इन तीन शहरों में बिना किसी विलंब के हाईकोर्ट बेंच स्थापित की जाए।
विज्ञापन