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मिलावट के संदेह में रिफाइंड सीज, नकली अंडों के शक में भी लिए सैंपल

Fri, 18 Aug 2017 02:47 AM IST
Updated Fri, 18 Aug 2017 02:47 AM IST
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मिलावट के संदेह में रिफाइंड सीज, नकली अंडों के शक में भी लिए सैंपल
रिफाइंड पकड़ा, अंडों पर शक
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- मार्केट में नकली अंडों का शक, छह सैंपल लिए
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। सोशल साइट्स पर काफी समय से चल रहा है कि नकली अंडे भी मार्केट में आ गए हैं। अब शासन ने सभी जिलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को निर्देशित किया है कि वे छानबीन करें कि कहीं उनके शहर में तो नकली अंडे नहीं बिक रहे हैं। इसी के मद्देनजर बृहस्पतिवार को एफएसडीए की टीम ने अलग-अलग स्थानों से अंडों के छह सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान ने बताया कि जो अंडे सामान्य से कुछ अलग लग रहे थे, उनकेसैंपल लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा कि अंडे नकली हैं या नहीं। बताया जा रहा है कि नकली अंडे केमिकल से बनाए जाते हैं और सामान्य अंडे जैसे ही लगते हैं।

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रहें सावधान, ये हैं नुकसान
एफएसडीए अधिकारियों ने बताया कि पता चला है कि इस तरह के नकली अंडे जिप्सम के चूर्ण, कैल्शियम कार्बोनेट, तेल युक्त मोम आदि से तैयार किए जाते हैं। अंडे के अंदर वाले पीले हिस्से को बनाने के लिए जिलेटिन, सोडियम एल्गिनाइट और कैल्शियम की मदद ली जाती है। ये काफी खतरनाक होते हैं। इन्हें खाते रहने से कैंसर, अल्जाइमर और याददाश्त कमजोर होने जैसी बीमारियां चपेट में ले सकती हैं। इसके अलावा लीवर खराब हो सकता है और त्वचा रोग हो सकते हैं।
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ऐसे करें पहचान
- नकली अंडे का बाहरी हिस्सा हल्के भूरे रंग का और खुरदुरा होता है, जबकि असली अंडा चिकना होता है।
- उबालने के बाद कैल्शियम कार्बोनेट का आवरण तोड़ने पर नकली अंडे का भीतरी हिस्सा असली की तुलना में कड़ा होता है।
- पीला भाग गेंद की तरह हो जाता है और थोड़ी ऊंचाई से छोड़ने पर गेंद जैसा उछलता भी है। यह धारदार वस्तु से ही कटता है।
- नकली अंडे को खोलने से पहले हिलाएंगे तो अंदर से आवाज आती है।
- नकली अंडे में कोई गंध नहीं आती, जबकि असली अंडे में आती है।



इनसेट
मिलावट के संदेह में 660 लीटर रिफाइंड ऑयल सीज
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार दोपहर केसरगंज मंडी में छापामारी की। इस दौरान 600 लीटर रिफाइंड पाम ऑयल (ताड़ का तेल) और 60 लीटर राइस ब्रेन ऑयल (चावल की भूसी से तैयार किया गया तेल) सीज किया गया। दोनों ही तेलों के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
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मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि एक सूचना पर कंसल ट्रेडर्स केयहां छापेमारी की गई थी। जिन दो रिफाइंड ऑयल केसैंपल लिए गए हैं, उनमें मिलावट को संदेह है। करीब एक माह के भीतर रिपोर्ट आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। इस दौरान अभिहीत अधिकारी अर्चना धीरान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित सिंह और रीना शर्मा भी रहे।
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