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तड़पता रहा मरीज, तीन घंटे बाद मिला इलाज
Updated Wed, 29 Aug 2018 02:00 AM IST
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तड़पता रहा मरीज, तीन घंटे बाद मिला इलाज
मेरठ। जिला अस्पताल में मंगलवार को एक मरीज इलाज के लिए करीब तीन घंटे तक तड़पता रहा। व्हील चेयर भी उसे करीब एक घंटे बाद मिल सकी। बाद में जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत करने पर अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और मरीज का इलाज शुरू किया गया।
रजबन निवासी रवि कुमार को सदर निवासी निखिल अग्रवाल सुबह करीब साढ़े 10 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। निखिल ने बताया कि रवि कुमार के दोनों पैर बुरी तरह से जख्मी हैं। करीब दो माह पहले कोई धारदार चीज लगने से उनके पैर जख्मी हो गए थे। वह अस्पताल गए, मगर उन्हें तब भी उपचार नहीं मिला था। अब वे जिला अस्पताल आए तो यहां भी इलाज केलिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पैरों से न चल पाने के कारण वह व्हील चेयर के लिए कभी इमरजेंसी तो कभी वार्ड में गए, लेकिन व्हील चेयर देने से मना कर दिया गया। विरोध करने पर कहा गया कि आधार कार्ड देने पर ही व्हील चेयर मिलेगी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद व्हील चेयर मिली, मगर इलाज के लिए चिकित्सक फिर भी नहीं मिला। उसने शासन में लखनऊ फोन किया, मगर उसकी बात नहीं हो सकी, इसके बाद उसने जिलाधिकारी कार्यालय फोन किया और शिकायत दर्ज कराई। तब कहीं जाकर जिला अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और करीब डेढ़ बजे मरीज का इलाज शुरू किया जा सका। अब रवि कुमार को आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।
कोई नहीं आया शिकायत करने
मैं शाम तक कार्यालय में रहता हूं। इसके अलावा मैंने अपना मोबाइल नंबर अस्पताल में जगह-जगह लिखवाया हुआ है कि कोई भी परेशानी हो तो मुझसे संपर्क करें, लेकिन कोई शिकायत नहीं मिली। अस्पताल में इलाज करने से कोई मना नहीं कर सकता है। - डॉ. पीकेबंसल, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में बीमार बच्चे की मौत, हंगामा
परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जिला अस्पताल में मंगलवार को करीब एक साल के बच्चे की उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
रोहटा के गालमपुर निवासी करन (एक साल) पुत्र श्रवण कुमार को 26 अगस्त को जिला अस्पताल केबच्चा वार्ड में भर्ती कराया था, उसे उल्टी और दस्त की शिकायत थी। श्रवण कुमार ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही बरती गई है, जिस कारण उनके बेटे की मौत हुई है।। उनका कहना था कि सुबह तक बच्चे की तबियत ठीक थी, अचानक साढ़े 11 बजे बताया कि बच्चे की मृत्यु हो गई है।
दूसरी तरफ, इस संबंध में जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक (एसआईसी) डॉ. पीकेबंसल का कहना है कि बच्चे की मौत के मामले में बाल रोग विशेषज्ञ से रिपोर्ट तलब है। अभी तक की जांच में पता चला है कि बच्चे की मां ने उसे दूध पिलाया तो वह उसके फेफड़े में चला गया, जिस कारण उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई और बाद में मृत्यु हो गई।
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मेरठ। जिला अस्पताल में मंगलवार को एक मरीज इलाज के लिए करीब तीन घंटे तक तड़पता रहा। व्हील चेयर भी उसे करीब एक घंटे बाद मिल सकी। बाद में जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत करने पर अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और मरीज का इलाज शुरू किया गया।
रजबन निवासी रवि कुमार को सदर निवासी निखिल अग्रवाल सुबह करीब साढ़े 10 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। निखिल ने बताया कि रवि कुमार के दोनों पैर बुरी तरह से जख्मी हैं। करीब दो माह पहले कोई धारदार चीज लगने से उनके पैर जख्मी हो गए थे। वह अस्पताल गए, मगर उन्हें तब भी उपचार नहीं मिला था। अब वे जिला अस्पताल आए तो यहां भी इलाज केलिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पैरों से न चल पाने के कारण वह व्हील चेयर के लिए कभी इमरजेंसी तो कभी वार्ड में गए, लेकिन व्हील चेयर देने से मना कर दिया गया। विरोध करने पर कहा गया कि आधार कार्ड देने पर ही व्हील चेयर मिलेगी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद व्हील चेयर मिली, मगर इलाज के लिए चिकित्सक फिर भी नहीं मिला। उसने शासन में लखनऊ फोन किया, मगर उसकी बात नहीं हो सकी, इसके बाद उसने जिलाधिकारी कार्यालय फोन किया और शिकायत दर्ज कराई। तब कहीं जाकर जिला अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और करीब डेढ़ बजे मरीज का इलाज शुरू किया जा सका। अब रवि कुमार को आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।
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कोई नहीं आया शिकायत करने
मैं शाम तक कार्यालय में रहता हूं। इसके अलावा मैंने अपना मोबाइल नंबर अस्पताल में जगह-जगह लिखवाया हुआ है कि कोई भी परेशानी हो तो मुझसे संपर्क करें, लेकिन कोई शिकायत नहीं मिली। अस्पताल में इलाज करने से कोई मना नहीं कर सकता है। - डॉ. पीकेबंसल, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में बीमार बच्चे की मौत, हंगामा
परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जिला अस्पताल में मंगलवार को करीब एक साल के बच्चे की उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
रोहटा के गालमपुर निवासी करन (एक साल) पुत्र श्रवण कुमार को 26 अगस्त को जिला अस्पताल केबच्चा वार्ड में भर्ती कराया था, उसे उल्टी और दस्त की शिकायत थी। श्रवण कुमार ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही बरती गई है, जिस कारण उनके बेटे की मौत हुई है।। उनका कहना था कि सुबह तक बच्चे की तबियत ठीक थी, अचानक साढ़े 11 बजे बताया कि बच्चे की मृत्यु हो गई है।
दूसरी तरफ, इस संबंध में जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक (एसआईसी) डॉ. पीकेबंसल का कहना है कि बच्चे की मौत के मामले में बाल रोग विशेषज्ञ से रिपोर्ट तलब है। अभी तक की जांच में पता चला है कि बच्चे की मां ने उसे दूध पिलाया तो वह उसके फेफड़े में चला गया, जिस कारण उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई और बाद में मृत्यु हो गई।