यूपी: मेरठ में जल्द दौड़ेंगी 50 इलेक्ट्रिक बसें, मल्टी लेवल पार्किंग को हरी झंडी, पढ़ें और क्या खास
मेरठ में जल्द ही 50 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। वहीं मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह को प्रोजेक्ट के लिए प्रभारी बनाया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ समेत पांच जिलों में जल्द ही 175 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। शासन से मेरठ व गाजियाबाद को 50-50, मुरादाबाद, बरेली और शाहजहांपुर को 25-25 बसों का आवंटन किया है। मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह को प्रोजेक्ट के लिए प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड को इलेक्ट्रिक बसों के लिए परिचालकों और ईटीएम की व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ नगर निगम की तरफ से टाउन हॉल में छह मंजिला मल्टी लेवल पार्किंग बनाए जाने के प्रस्ताव को मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने हरी झंडी दे दी है। प्रोजेक्ट की डीपीआर लखनऊ भेजी जाएगी।
मंडलायुक्त ने गुरुवार को राज्य स्मार्ट सिटी योजना के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए शासन से 50 बसें दिसंबर तक मिलनी हैं। एमसीटीएसएल के एमडी विजय कुमार को बस आने से पहले सभी जरूरी तैयारी करने के निर्देश दिए। इलेक्ट्रिक बसों पर चालक कंपनी के ही होंगे, लेकिन परिचालक एमसीटीएसएल को आउटसोर्स से रखने हैं। इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनों की उपलब्धता और मरम्मत की व्यवस्था भी आउटसोर्स से होगी। परिचालकों और ईटीएम के लिए सेवा प्रदाता ढूंढकर जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करें। बैठक में नगर आयुक्त मनीष बंसल ने टाउन हॉल में वाहनों के लिए छह मंजिला मल्टी लेवल पार्किंग बनाए जाने का प्रस्ताव मंडलायुक्त के समक्ष रखा, जिस पर उन्होंने कहा कि इसकी डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जाएगी। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी के. बालाजी, नगरायुक्त मनीष बंसल और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मिल चुकी हैं 80 सीएनजी बस
मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड को शासन ने 130 बसें आवंटित की हैं। इसमें से 80 बसें सीएनजी और 50 बस इलेक्ट्रिक हैं। सीएनजी की सभी बस कानपुर से कंपनी के पास पहुंच गई हैं। इनमें करीब 60 बसों का संचालन भी शुरू हो चुका है।
बसों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन
महिलाओं-बच्चियों की सुरक्षा के महत्वपूर्ण सेफ सिटी प्रोजेक्ट पर मंडलायुक्त ने काम करने के निर्देश दिए हैं। सिटी बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए जाएंगे। इंटीग्रेटेड स्मार्ट कंट्रोल रूम, पिंक बूथ, पिंक पेट्रोल, पिंक टॉयलेट, आशा ज्योति केंद्र और लाइटनिंग व्यवस्था को लेकर विभागों से पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए।
आयुक्त की अध्यक्षता में गठित एंपावर्ड कमेटी द्वारा 70.36 करोड़ के प्रस्ताव चयनित किए गए। ये प्रस्ताव मंडल आयुक्त स्तर से शासन के गृह विभाग को प्रेषित किए जा चुके हैं। समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त मनीष बंसल ने बताया कि सेफ सिटी परियोजना के संबंध में शासन से प्राप्त निर्देश के आधार पर संबंधित विभागों से प्राप्त कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।
ये है सेफ सिटी प्रोजेक्ट में निर्देश
बसों में सीसीटीवी और पैनिक बटन लगेंगे। कोई परेशानी आने पर महिलाएं पैनिक बटन दबाएंगी तो स्मार्ट कंट्रोल रूम को सूचना मिल जाएगी। ये पैनिक बटन इस तरह के होंगे कि महिला बोलकर अपनी समस्या सुना भी सकेंगी। इसे कंट्रोल रूम पर नोट किया जाएगा। बटन के पास ही लगा कैमरा कंट्रोल रूम से जुड़ा होगा। शहर के ऐसे क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे जहां रात में महिलाओं का आवागमन होता है और वहां रोशनी कम हो। प्रमुख चौराहों और मुख्य बाजारों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे।