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अब हो सकेगा सरकारी विभागों का बिजली बकाया भुगतान
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शासन ने सरकारी विभागों के लिए आवांटित किया बजट
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। शासन ने बिजली बकाया भुगतान करने के लिए सरकारी विभागों को 898.18 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। पीवीवीएनएल क्षेत्र के तहत आने वाले 14 जिलों के सरकारी विभागों पर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिल बकाया है। इसमें मेरठ के विभागों पर ही 7 करोड़ से ज्यादा बकाया चल रहा है।
कोई भी सरकारी विभाग बिजली का बिल मासिक तौर पर जमा नहीं करता है। वित्तीय वर्ष खत्म होने के करीब है। ऐसे में राजस्व वसूली लक्ष्य पूरा करने की जद्दोजहद में पीवीवीएनएल बकायेदार विभागों को नोटिस देकर कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर रहा है। पीवीवीएनएल के तहत आने वाले 14 जिलों के सरकारी विभागों पर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है। मेरठ के सरकारी विभागों पर करीब 7 करोड़ रुपये का बिल है। शासन ने प्रदेश के सभी विभागों का बिजली बिल अदा करने के लिए 898.18 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया है। इसमें से 726.98 करोड़ रुपये जिलों की कोषागारों में जारी किए जा चुके हैं। कंपनी एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि बकाया वसूली के लिए डिस्कॉम स्तर से नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो खंड स्तर से संपर्क कर बकाया वसूली कराएंगे। सरकारी विभागों से बकाया वसूली में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। बकाया नहीं देने वालों के कनेक्शन काटे जाएंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। शासन ने बिजली बकाया भुगतान करने के लिए सरकारी विभागों को 898.18 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। पीवीवीएनएल क्षेत्र के तहत आने वाले 14 जिलों के सरकारी विभागों पर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिल बकाया है। इसमें मेरठ के विभागों पर ही 7 करोड़ से ज्यादा बकाया चल रहा है।
कोई भी सरकारी विभाग बिजली का बिल मासिक तौर पर जमा नहीं करता है। वित्तीय वर्ष खत्म होने के करीब है। ऐसे में राजस्व वसूली लक्ष्य पूरा करने की जद्दोजहद में पीवीवीएनएल बकायेदार विभागों को नोटिस देकर कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर रहा है। पीवीवीएनएल के तहत आने वाले 14 जिलों के सरकारी विभागों पर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है। मेरठ के सरकारी विभागों पर करीब 7 करोड़ रुपये का बिल है। शासन ने प्रदेश के सभी विभागों का बिजली बिल अदा करने के लिए 898.18 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया है। इसमें से 726.98 करोड़ रुपये जिलों की कोषागारों में जारी किए जा चुके हैं। कंपनी एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि बकाया वसूली के लिए डिस्कॉम स्तर से नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो खंड स्तर से संपर्क कर बकाया वसूली कराएंगे। सरकारी विभागों से बकाया वसूली में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। बकाया नहीं देने वालों के कनेक्शन काटे जाएंगे।
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