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सोफिया मामले के बाद अन्य मिशनरी स्कूल भी आ सकते हैं निशाने पर
Updated Fri, 15 Jun 2018 08:31 PM IST
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सोफिया के बाद अन्य मिशनरी स्कूल भी निशाने पर
शुल्क से प्राप्त धन और उसके उपयोग का मांगा जा सकता है सभी से ब्योरा
डिप्टी रजिस्ट्रार के नोटिस पर अब सोफिया के जवाब का फिर से इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। सोफिया स्कूल सोसायटी द्वारा स्कूल से प्राप्त आय को ईसाई मिशनरी संस्थाओं में ट्रांसफर किए जाने का मामला शासन तक पहुंच चुका है। डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा 2 जून को जारी नोटिस का जवाब आने का इंतजार है। लेकिन जिस तरह मामला हाई प्रोफाइल हो रहा है, उससे अब अन्य मिशनरी स्कूलों पर भी अंगुली उठ रही हैं। ऐसे में चर्चा है कि सोफिया के मामले में अंतिम निर्णय के साथ अन्य स्कूल भी जांच के निशाने पर आ सकते हैं।
सोफिया स्कूल सोसायटी को लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसाइटीज ने सख्त रुख अपना रखा है। सोसायटी द्वारा स्कूल के धन को दूसरी ईसाई मिशनरी संस्थाओं को ट्रांसफर करने का मामला उनकी जांच में सबसे गंभीर है। सोसायटी की 2006 से 2014 तक की बैलेंस शीट देखने पर पता चला है कि संस्था द्वारा करीब 2.65 करोड़ रुपये दूसरी मिशनरी संस्थाओं को ट्रांसफर किया है। अभी डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा 2015 से 2018 तक की बैलेंस शीट और मांगी गई है। इनमें भी आशंका जताई जा रही है कि काफी मोटी धनराशि दूसरी मिशनरी संस्थाओं को ट्रांसफर हुई है।
इस पूरे मामले से शासन भी अवगत हो चुका है। जहां से पूरे प्रकरण पर नजर रखी जा रही है। यदि सोफिया सोसायटी इस धन के ट्रांसफर पर सही जवाब नहीं देती है, तो माना जा रहा है कि इसकी जांच किसी एजेंसी से कराई जा सकती है। लेकिन तब जांच में अकेली सोफिया सासायटी नहीं होगी, बल्कि मिशनरी के अन्य स्कूल भी आ सकते हैं। क्योंकि अकेले मेरठ में ही आधा दर्जन स्कूल हैं, जिनमें मोटी धनराशि शुल्क के रूप में वसूली जाती है। चर्चा है कि इनमें से भी कुछ स्कूलों से धन दूसरी मिशनरी संस्थाओं को ट्रांसफर होता है।
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रजिस्ट्रेशन समाप्त हुआ तो मान्यता पर खतरा
मिशनरी के सभी स्कूल आईसीएसई से मान्यता प्राप्त हैं। लेकिन यह मान्यता सोसायटी रजिस्ट्रेशन के बाद ही मिलती है। जिस तरह डिप्टी रजिस्ट्रार का रुख है, उससे साफ है कि स्थिति स्पष्ट न होने पर वह सोसायटी का रजिस्ट्रेशन समाप्त करने तक की कार्रवाई कर सकते हैं। यदि सोसायटी का रजिस्ट्रेशन समाप्त हुआ तो स्कूल की मान्यता भी खतरे में आ सकती है।
सोफिया सोसायटी के सचिव को नोटिस भेजा जा चुका है। 20 जून तक उनसे जवाब मांगा है। इस जवाब के आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। सुभाष सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार
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सोफिया के बाद अन्य मिशनरी स्कूल भी निशाने पर
शुल्क से प्राप्त धन और उसके उपयोग का मांगा जा सकता है सभी से ब्योरा
डिप्टी रजिस्ट्रार के नोटिस पर अब सोफिया के जवाब का फिर से इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। सोफिया स्कूल सोसायटी द्वारा स्कूल से प्राप्त आय को ईसाई मिशनरी संस्थाओं में ट्रांसफर किए जाने का मामला शासन तक पहुंच चुका है। डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा 2 जून को जारी नोटिस का जवाब आने का इंतजार है। लेकिन जिस तरह मामला हाई प्रोफाइल हो रहा है, उससे अब अन्य मिशनरी स्कूलों पर भी अंगुली उठ रही हैं। ऐसे में चर्चा है कि सोफिया के मामले में अंतिम निर्णय के साथ अन्य स्कूल भी जांच के निशाने पर आ सकते हैं।
सोफिया स्कूल सोसायटी को लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसाइटीज ने सख्त रुख अपना रखा है। सोसायटी द्वारा स्कूल के धन को दूसरी ईसाई मिशनरी संस्थाओं को ट्रांसफर करने का मामला उनकी जांच में सबसे गंभीर है। सोसायटी की 2006 से 2014 तक की बैलेंस शीट देखने पर पता चला है कि संस्था द्वारा करीब 2.65 करोड़ रुपये दूसरी मिशनरी संस्थाओं को ट्रांसफर किया है। अभी डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा 2015 से 2018 तक की बैलेंस शीट और मांगी गई है। इनमें भी आशंका जताई जा रही है कि काफी मोटी धनराशि दूसरी मिशनरी संस्थाओं को ट्रांसफर हुई है।
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इस पूरे मामले से शासन भी अवगत हो चुका है। जहां से पूरे प्रकरण पर नजर रखी जा रही है। यदि सोफिया सोसायटी इस धन के ट्रांसफर पर सही जवाब नहीं देती है, तो माना जा रहा है कि इसकी जांच किसी एजेंसी से कराई जा सकती है। लेकिन तब जांच में अकेली सोफिया सासायटी नहीं होगी, बल्कि मिशनरी के अन्य स्कूल भी आ सकते हैं। क्योंकि अकेले मेरठ में ही आधा दर्जन स्कूल हैं, जिनमें मोटी धनराशि शुल्क के रूप में वसूली जाती है। चर्चा है कि इनमें से भी कुछ स्कूलों से धन दूसरी मिशनरी संस्थाओं को ट्रांसफर होता है।
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रजिस्ट्रेशन समाप्त हुआ तो मान्यता पर खतरा
मिशनरी के सभी स्कूल आईसीएसई से मान्यता प्राप्त हैं। लेकिन यह मान्यता सोसायटी रजिस्ट्रेशन के बाद ही मिलती है। जिस तरह डिप्टी रजिस्ट्रार का रुख है, उससे साफ है कि स्थिति स्पष्ट न होने पर वह सोसायटी का रजिस्ट्रेशन समाप्त करने तक की कार्रवाई कर सकते हैं। यदि सोसायटी का रजिस्ट्रेशन समाप्त हुआ तो स्कूल की मान्यता भी खतरे में आ सकती है।
सोफिया सोसायटी के सचिव को नोटिस भेजा जा चुका है। 20 जून तक उनसे जवाब मांगा है। इस जवाब के आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। सुभाष सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार