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गुटबाजी का शिकार हुई कांग्रेस की फीकी पड़ी चमक
Updated Sat, 02 Dec 2017 01:46 AM IST
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मेरठ। कांग्रेस पार्टी नेताओं की गुटबाजी का शिकार हो रही है। निकाय चुनाव में टिकटों को लेकर मचे घमासान और बाद में नेताओं की गुटबाजी का परिणाम चुनावों में साफ देखा गया। मेयर प्रत्याशी ममता सूद को जहां केवल 28 हजार 794 (2.56 फीसदी) वोट हासिल हुए तो वहीं 78 पार्षद प्रत्याशियों में से केवल दो प्रत्याशी ही चुनाव जीतने में कामयाब रहे। नेता अपने वार्डों में भी पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिला पाए।
कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी जगजाहिर है। लंबे समय से निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटी पार्टी में पार्षद प्रत्याशियों को टिकट देने में ही घमासान शुरू हो गया था। टिकट से वंचित कार्यकर्ताओं ने आला नेताओं से भी इसकी शिकायत की थी। कई ने बागी के रूप में चुनाव में ताल ठोक दी थी। शुक्रवार को इसका परिणाम देखने को मिला। 78 प्रत्याशियों में वार्ड नंबर 43 से रंजन शर्मा और वार्ड नंबर 70 से चौधरी इकराम ही जीतने में कामयाब रहे। बाकी प्रत्याशी हार गए। हालांकि महानगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा किशनी ने तमाम आरोपों को दरकिनार करते हुए बताया कि पार्टी के 27 प्रत्याशी दूसरेे स्थान पर रहे है। पार्टी के कुछ नेताओं ने ही उन्हें हराने का काम किया है। इसकी पूरी रिपोर्ट प्रदेश कमेटी के पास भेजी जाएगी।
नहीं मिला परंपरागत वोट
पार्टी की मेयर प्रत्याशी ममता सूद को परंपरागत वोट भी नहीं मिल सका। पार्टी नेता मुसलिम वोटरों को भी बेस वोटरों में गिनते रहते हैं। लेकिन मुसलिम वोटर बसपा के साथ चले गए।
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हार से दुखी नहीं
कांग्रेस मेयर प्रत्याशी ममता सूद का कहना है कि चुनाव में हार-जीत तो लगी ही रहती है। ऐन मौके पर पार्टी ने टिकट दिया था। मुझे सभी वर्गों का वोट हासिल हुआ है। हार से दुखी नहीं हूं। शहर वासियों की जनसमस्या के खिलाफ आवाज उठाती रहूंगी।
खास बात
- निगम के 78 वार्डों में लड़े थे चुनाव पार्षद प्रत्याशी
- नेताओं के वार्डों में भी नहीं मिले प्रत्याशियों को वोट
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कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी जगजाहिर है। लंबे समय से निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटी पार्टी में पार्षद प्रत्याशियों को टिकट देने में ही घमासान शुरू हो गया था। टिकट से वंचित कार्यकर्ताओं ने आला नेताओं से भी इसकी शिकायत की थी। कई ने बागी के रूप में चुनाव में ताल ठोक दी थी। शुक्रवार को इसका परिणाम देखने को मिला। 78 प्रत्याशियों में वार्ड नंबर 43 से रंजन शर्मा और वार्ड नंबर 70 से चौधरी इकराम ही जीतने में कामयाब रहे। बाकी प्रत्याशी हार गए। हालांकि महानगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा किशनी ने तमाम आरोपों को दरकिनार करते हुए बताया कि पार्टी के 27 प्रत्याशी दूसरेे स्थान पर रहे है। पार्टी के कुछ नेताओं ने ही उन्हें हराने का काम किया है। इसकी पूरी रिपोर्ट प्रदेश कमेटी के पास भेजी जाएगी।
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नहीं मिला परंपरागत वोट
पार्टी की मेयर प्रत्याशी ममता सूद को परंपरागत वोट भी नहीं मिल सका। पार्टी नेता मुसलिम वोटरों को भी बेस वोटरों में गिनते रहते हैं। लेकिन मुसलिम वोटर बसपा के साथ चले गए।
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हार से दुखी नहीं
कांग्रेस मेयर प्रत्याशी ममता सूद का कहना है कि चुनाव में हार-जीत तो लगी ही रहती है। ऐन मौके पर पार्टी ने टिकट दिया था। मुझे सभी वर्गों का वोट हासिल हुआ है। हार से दुखी नहीं हूं। शहर वासियों की जनसमस्या के खिलाफ आवाज उठाती रहूंगी।
खास बात
- निगम के 78 वार्डों में लड़े थे चुनाव पार्षद प्रत्याशी
- नेताओं के वार्डों में भी नहीं मिले प्रत्याशियों को वोट