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कमिश्नर से मिले भाजपाई, बोले खत्म हो इकरामुद्दीन की पार्षदी
Updated Wed, 07 Mar 2018 02:24 AM IST
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मेरठ। नगर निगम के नवनिर्वाचित कार्यकारिणी उपाध्यक्ष की सदस्यता खत्म करने की मांग को लेकर मंगलवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष और निगम कार्यकारिणी सदस्य कमिश्नर से मिले। उन्होंने निगम अधिकारियों द्वारा की गयी जांच रिपोर्ट मंगवाने और सदस्यता खत्म करने संबंधी रिपोर्ट शासन भिजवाने की मांग की। कमिश्नर ने नगरायुक्त से जांच रिपोर्ट तलब कर ली है। माना जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
भाजपा के महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, कार्यकारिणी सदस्य ललित नागदेव, पंकज गौड़, राजेश रूहेला, पार्षद दल नेता विपिन जिंदल मंगलवार को कमिश्नरी पहुंचे। उन्होंने कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार को शिकायती पत्र सौंपते हुए कहा कि निगम कार्यकारिणी के निर्वाचित उपाध्यक्ष इकरामुद्दीन नगर निगम के रजिस्टर्ड ठेकेदार हैं। जिनकी फर्म मार्च 2018 तक के लिए नगर निगम में रजिस्टर्ड है। निगम एक्ट की धारा 25 की उपधारा चार के तहत कोई ऐसा व्यक्ति जो निगम का पार्षद बन गया हो, उसने चुनाव के समय शपथ पत्र में यह बिंदु छुपाया हो, तो उसकी सदस्यता खत्म हो सकती है।
भाजपाइयों ने आरोप लगाया कि इकरामुद्दीन ने निगम एक्ट की इस धारा का उल्लंघन किया है। शिकायत करने पर नगरायुक्त ने जांच तो बैठा दी। लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट जारी नहीं की जा रही है। भाजपाइयों ने कहा कि जांच रिपोर्ट मंगवाकर पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाए। ताकि धारा 82 के तहत शासन पार्षद की सदस्यता निरस्त करने की कार्रवाई कर सके।
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- कमिश्नर से मिले भाजपा महानगर अध्यक्ष और निगम कार्यकारिणी सदस्य
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भाजपा के महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, कार्यकारिणी सदस्य ललित नागदेव, पंकज गौड़, राजेश रूहेला, पार्षद दल नेता विपिन जिंदल मंगलवार को कमिश्नरी पहुंचे। उन्होंने कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार को शिकायती पत्र सौंपते हुए कहा कि निगम कार्यकारिणी के निर्वाचित उपाध्यक्ष इकरामुद्दीन नगर निगम के रजिस्टर्ड ठेकेदार हैं। जिनकी फर्म मार्च 2018 तक के लिए नगर निगम में रजिस्टर्ड है। निगम एक्ट की धारा 25 की उपधारा चार के तहत कोई ऐसा व्यक्ति जो निगम का पार्षद बन गया हो, उसने चुनाव के समय शपथ पत्र में यह बिंदु छुपाया हो, तो उसकी सदस्यता खत्म हो सकती है।
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भाजपाइयों ने आरोप लगाया कि इकरामुद्दीन ने निगम एक्ट की इस धारा का उल्लंघन किया है। शिकायत करने पर नगरायुक्त ने जांच तो बैठा दी। लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट जारी नहीं की जा रही है। भाजपाइयों ने कहा कि जांच रिपोर्ट मंगवाकर पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाए। ताकि धारा 82 के तहत शासन पार्षद की सदस्यता निरस्त करने की कार्रवाई कर सके।
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