फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

1971 के युद्ध में 95 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने किया था आत्मसमर्पण, मेरठ के 19 वीर हुए थे शहीद

Mon, 16 Dec 2019 01:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Mon, 16 Dec 2019 01:51 AM IST
विज्ञापन
19 shaheed from meerut in 1971 war
1971 war - फोटो : अमर उजाला
16 दिसंबर 1971 को भारत-पाकिस्तान युद्ध में 95 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। 13 दिन तक चले इस युद्ध में मेरठ के 19 वीरों ने भी शहादत दी थी। इस युद्ध में 21 साल के 17 पूना हॉर्स रेजीमेंट के सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल ने वीरता और साहस का ऐसा अद्भुत परिचय दिया कि पाकिस्तानी सेना के पैर उखड़ गए थे। सेना हर साल 1971 के वीरों को श्रद्धांजलि देती है।

 
19 shaheed from meerut in 1971 war
भारत-पाकिस्तान 1971 युद्ध विशेष
15 अगस्त 1947 के बाद देश में सबसे बड़ा युद्ध 1962 में हुआ। इसमें मेरठ के 12 जवानों-अफसरों ने शहादत दी थी। इसके बाद 1965 के भारत-पाक युद्ध में 19 जवान-अफसर शहीद हुए। 1971 के युद्ध में 19 वीर शहीद हुए। सन 1986 से 1996 तक ऑपरेशन पवन, मेघदूत और ऑपरेशन रक्षक में 13 से ज्यादा वीरों ने शहादत दी। 1999 के कारगिल युद्ध में छह परिवारों ने अपने लाल देश के लिए कुर्बान कर दिए। इसके बाद से लगातर जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन में मेरठ के लाल अपनी शहादत देते आ रहे हैं।

 
19 shaheed from meerut in 1971 war
1971 का भारत पाक युद्ध - फोटो : सोशल मीडिया
ये हैं 1971 के शहीद
ले. कर्नल प्रभात कुमार, कैप्टन मदन पाल, ले. वीके सहगल, ले. पुष्पेंद्र वैद, नायक सूबेदार मामचंद, हवलदार हरपाल सिंह, लांस नायक अलबेल सिंह, सिपाही रामपाल सिंह, सिपाही राजेंद्र सिंह, सिपाही महेंद्र सिंह, सिपाही सीताराम, सीमेन ओम प्रकाश, सिपाही हुसैन सिंह, सिपाही भोपाल सिंह, सिपाही जय प्रकाश, सिपाही सेवाराम, सिपाही राजबीर सिंह, सिपाही ओमपाल सिंह, पाल सिंह।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
19 shaheed from meerut in 1971 war
अरुण खेत्रपाल -17 पूना हॉर्स
लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल को मिला था परमवीर चक्र
मेरठ। भारतीय सेना की 17 पूना हॉर्स रेजिमेंट सेना की आन बान शान है। सन 1971 के युद्ध में परमवीर चक्र विजेता 21 साल के लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल ने पराक्रम दिखाते हुए युद्ध की पूरी तस्वीर बदल दी थी। 15 दिसंबर 1971 को शकरगढ़ सेक्टर, पंजाब में 17 पूना हॉर्स को फारवर्ड मार्च से जरूरी आदेश मिले।

 
विज्ञापन
19 shaheed from meerut in 1971 war
कमांडर हनूत सिंह
कर्नल हनूत सिंह उर्फ हंटी अपने अफसरों-जवानों और टैंकों के बेड़े के साथ निकल पड़े। उनके साथ 21 साल के सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल भी थे। 16 दिसंबर को पाकिस्तान ने शकरगढ़ में लैंड माइंस बिछा रखी थी। कर्नल हंटी ने अरुण और दूसरे अफसर को अपने टैंक लेकर नदी पार करते हुए दुश्मन के इलाके जरपाल में घुसने का आदेश दिया। भारतीयों ने पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे खदेड़ दिया और उनके टैंक ध्वस्त कर दिए। इस दौरान अरुण के साथी अफसर शहीद हो गए।

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed