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किसानो को गन्ना पर्ची कम मिलने के कारण गेंहू की बुवाई कम हुई है
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पर्चियां नहीं मिलने से किसान परेशान
माछरा/ मुंडाली। सहकारी गन्ना विकास समिति मेरठ के कर्मचारियों व अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसानों को गन्ना पर्ची कम मिलने के कारण गेहूं की बुवाई कम हुई है जिससे किसान परेशान है।
कुछ किसानो ने गन्ना क्रय केंद्रों पर एडवांस में भी गन्ना डाल दिया है परंतु छोटे किसानों का गन्ना नहीं डाला जा रहा है। किसानों को कम पर्चियां मिलने का ही कारण है इस बार पेड़ी का गन्ना खेतों में ही खड़ा है और गन्ना न कटने के कारण उनकी गेहूं की बुवाई नहीं हो पाई है। किसानों ने मिल के अलावा कोल्हू पर गन्ना डालकर गेहूं की बुवाई की है कुछ ने मिल पर ही गन्ना डालकर गेहूं की बुवाई की है। किसान जितेंद्र, मुकेश आदि का कहना है कि यदि इस प्रकार से गन्ना समिति पर्चियां काटती रही तो किसान गन्ना रकबा बुवाई में कम कर देंगे। गन्ना नहीं कटने के कारण गेहूं सरसों आदि की फसल की बुवाई नहीं हो पाई है जब शुगर मिल गन्ना पर्चियां देता था तब गन्ना शीघ्र मिल पर जाता था परंतु अब गन्ना समिति से पर्चियां मिल रही है अब भी किसी कंप्यूटर वाले ठेकेदार से कटवा रहे है। पूरी इंडेंट के साथ पर्चियां नहीं कट रही है किसान परेशान है समिति मेरठ में सुनने वाला कोई भी नहीं है। केवल जब किसान जाता है उससे आश्वासन के साथ वापस लौटना पड़ता है क्योंकि वहां पर मात्र आश्वासन मिलता है किसान की परेशानी का कोई हल नहीं होता है। सचिव बैठते है परंतु कुछ समय के बाद कार्यालय से चले जाते है।
माछरा/ मुंडाली। सहकारी गन्ना विकास समिति मेरठ के कर्मचारियों व अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसानों को गन्ना पर्ची कम मिलने के कारण गेहूं की बुवाई कम हुई है जिससे किसान परेशान है।
कुछ किसानो ने गन्ना क्रय केंद्रों पर एडवांस में भी गन्ना डाल दिया है परंतु छोटे किसानों का गन्ना नहीं डाला जा रहा है। किसानों को कम पर्चियां मिलने का ही कारण है इस बार पेड़ी का गन्ना खेतों में ही खड़ा है और गन्ना न कटने के कारण उनकी गेहूं की बुवाई नहीं हो पाई है। किसानों ने मिल के अलावा कोल्हू पर गन्ना डालकर गेहूं की बुवाई की है कुछ ने मिल पर ही गन्ना डालकर गेहूं की बुवाई की है। किसान जितेंद्र, मुकेश आदि का कहना है कि यदि इस प्रकार से गन्ना समिति पर्चियां काटती रही तो किसान गन्ना रकबा बुवाई में कम कर देंगे। गन्ना नहीं कटने के कारण गेहूं सरसों आदि की फसल की बुवाई नहीं हो पाई है जब शुगर मिल गन्ना पर्चियां देता था तब गन्ना शीघ्र मिल पर जाता था परंतु अब गन्ना समिति से पर्चियां मिल रही है अब भी किसी कंप्यूटर वाले ठेकेदार से कटवा रहे है। पूरी इंडेंट के साथ पर्चियां नहीं कट रही है किसान परेशान है समिति मेरठ में सुनने वाला कोई भी नहीं है। केवल जब किसान जाता है उससे आश्वासन के साथ वापस लौटना पड़ता है क्योंकि वहां पर मात्र आश्वासन मिलता है किसान की परेशानी का कोई हल नहीं होता है। सचिव बैठते है परंतु कुछ समय के बाद कार्यालय से चले जाते है।
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