फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव बन रहा संवेदनशील

जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव बन रहा संवेदनशील

Tue, 18 Jul 2017 09:06 PM IST
Updated Tue, 18 Jul 2017 09:06 PM IST
विज्ञापन
जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव बन रहा संवेदनशील
मेरठ। जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव संवेदनशील बनता जा रहा है। पिछले चुनाव के प्रत्याशियों और सदस्यों की अलग-अलग सोच की स्थिति टकराव की तरफ जाती नजर आ रही है। पूर्व के प्रत्याशी जहां पिछले चुनाव की डीलिंग को ही इस चुनाव में जारी रखने की सोच रहे हैं, वहीं सदस्य नये सिरे से दाम तय होने की उम्मीद में हैं।
विज्ञापन

उपचुनाव 22 अगस्त को होना है। विपक्ष संयुक्त मोर्चा बनाकर फिलहाल डा. मनोज अधाना को प्रत्याशी घोषित कर चुका है। लेकिन भाजपा में घमासान मचा है। सदस्य मानकर चल रहे हैं कि इस बार भी धनबल का प्रयोग होगा। लेकिन पूर्व में चुनाव लड़े प्रत्याशियों की अलग ही सोच है। पिछला चुनाव जीतीं सपा नेता अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान को 18 वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कुलविंदर सिंह को 16 वोट मिले थे। ऐसे में अब अतुल प्रधान जो गैर भाजपाई खेमे का नेतृत्व कर रहे हैं, वे इस चुनाव में अपने पिछले समर्थक सदस्यों पर संयुक्त मोर्चा प्रत्याशी के पक्ष में वोट करने का दबाव बनाएंगे।
विज्ञापन

दबाव की बड़ी रणनीति
विपक्ष हर कदम फूंक कर रख रहा है। सूत्रों की मानें तो पिछले चुनाव में क्रॉस वोट हुआ था। सपा खेमे ने अपनी जीत सुनिश्चित और क्रॉस वोट रोकने को खुफिया कैमरों के साथ ही लेनदेन की भी खुफिया रिकार्डिंग तैयार करायी थी। अब इस उपचुनाव में क्रॉस वोट करने वाले सदस्यों को ब्लैकमेल कर एक बार फिर से भाजपा को झटका देने का मंसूबा विपक्षी खेमा बना रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भाजपा में आपसी रार बनेगी मुसीबत
भाजपा में इस समय प्रत्याशी चयन को लेकर बड़ी रार है। इस बार कुलविंदर के साथ ही डॉ. मीनाक्षी भराला और रोहताश पहलवान खुलकर पैरवी कर रहे हैं। जबकि भाजपा में पांच खेमे खड़े हो गए हैं। भाजपा की तीन सदस्यों के लिए जहां अलग-अलग नेतृत्व से पैरवी हो रही है, तो दो विधायक गैर भाजपाई सदस्यों को चुनाव लड़ाने की वकालत कर रहे हैं। दोनों ने अपने-अपने चहेते सदस्यों का नाम भी आगे बढ़ा दिया है। ऐसे में खुले तौर पर शुरू हुई यह गुटबाजी जहां चुनाव में भाजपा के आक्रामक तेवर ढीला करेगी, वहीं एकजुटता के अभाव में चुनावी रणनीति को भी प्रभावित करेगी।
खास बात
- जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव :
- दावेदार चाहते हैं समर्थन बरकरार, सदस्य नए सिरे से वोट के दाम
- पूर्व में चुनाव लड़े प्रत्याशी अब अपने समर्थक प्रत्याशी पर बनाएंगे दबाव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed