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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   157 overhead tanks have accumulated heavy dirt in Meerut, no cleaning for a year, increased risk of diseases

18 लाखों जिंदगियों से खिलवाड़: मेरठ में 157 ओवरहेड टैंकों में जमा है भारी गंदगी, एक साल से नहीं हुई सफाई, बढ़ा बीमारियों का खतरा 

Sun, 17 Apr 2022 05:29 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 17 Apr 2022 05:29 PM IST
सार

मेरठ महानगर में नगर निगम और जल निगम के ओवरहेड टैंकों की एक साल से सफाई नहीं हुई है, जबकि नियमानुसार 15 दिन में टैंक साफ होने चाहिए। टैंक साफ नहीं होने से गर्मी में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। 

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157 overhead tanks have accumulated heavy dirt in Meerut, no cleaning for a year, increased risk of diseases
पानी की टंकी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सावधान, अगर आपको बीमारियों से बचना है तो टंकी के पानी को उबाल और छान कर पीना होगा। दरअसल, नियम यह है कि साल में दो बार टंकियों की सफाई की जानी चाहिए, लेकिन मेरठ महानगर में नगर निगम और जल निगम के ओवरहेड टैंकों की एक साल से सफाई नहीं हुई है। इन टैंकों की गंदगी पानी के साथ घरों तक पहुंच रही है। गर्मी का मौसम है, ऐसे में इस पानी से जनजनित बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।

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महानगर की 18 लाख जनसंख्या को शहर में स्थापित 157 ओवरहैड टैंक से जलापूर्ति होती है। इनमेें से कुछ टैंकों से जलापूर्ति का कार्य ठेकेदारों के हाथों में है तो कुछ को जल निगम और नगर निगम जलकल विभाग संचालित कर रहे हैं। ठेकेदार और दोनों ही विभागों को अपने अपने अधिकार क्षेत्र वाली पानी की टंकियों की सफाई करनी होती है।
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इसके लिए ठेकेदारों को पैसा मिलता है। शहर में अगर गंगाजल को छोड़ दें तो बाकी ट्यूबवेल से भूगर्भ जल की जलापूर्ति बगैर नियमित जांच के हो रही है। नगर निगम के जलकल विभाग के पास जांच का रिकार्ड नहीं है। हालांकि जलकल विभाग के सहायक अभियंता दुष्यंत कमार का कहना है कि कि यांत्रिक विभाग प्रतिदिन पानी की जांच रिपोर्ट भेज रहा है।
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जल निगम यांत्रिक विभाग डालता है क्लोरीन
महानगर में संचालित ट्यूबवेल और पानी की टंकियों पर जल निगम यांत्रिक विभाग ने स्काडा लगवाए हुए हैं। पानी में क्लोरीन डालने की जिम्मेदारी भी विभाग की ही है। जलनिगम भले ही पानी में क्लोरीन डालने की बात कर रहा हो, लेकिन पानी की टंकी साफ न होने से पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रदूषित पानी सेहत के लिए खतरनाक
प्रदूषित पानी पीने से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। पानी में क्रोमियम, आर्सेनिक, लेड, कैडमियम आदि की अधिकता से कैंसर, लकवा और हृदय रोग होने के साथ ही गुर्दा और लिवर भी खराब हो सकते हैं।

फिजीशियन डॉ. तनुराज  सिरोही ने बताया कि दूषित पानी के सेवन से गैस, कब्ज, पीलिया, अपच और लिवर में सूजन की समस्या शुरू हो जाती है। फिजीशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि ये बीमारियां छोटे-छोटे जीवाणुओं के कारण होती हैं, जो गंदे पानी के साथ शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।

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15 दिन में साफ कराई जाएंगी टंकी 
ठेकेदारों को पानी की टंकियों की सफाई के निर्देश जारी किए गए हैं। जिन टंकियों का संचालन नगर निगम कर रहा है, उनकी सफाई के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। 15 दिन में सभी टंकियों को साफ कराया जाएगा। - कुमार गौरव, महाप्रबंधक, जल, नगर निगम

ये बोले लोग 
टंकी का पानी पी तो रहे हैं लेकिन आए दिन पेट की समस्या रहती है। निगम को पानी की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। - राजबाला, जवाहर नगर रोहटा रोड

टंकी का पीने से ही हम बीमारी की चपेट में हैं। चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने पेट रोग और त्वचा रोग का मुख्य कारण खराब पानी बताया है। - नीरज सिंहल, चंद्रलोक कालोनी 

पानी लाइन से पानी गंदा आ रहा है। छह माह से परेशान हैं। कोई सुनने को ही तैयार नहीं है। - प्रिया, चंद्रलोक कॉलोनी

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