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भाकियू में जिलाध्यक्ष को लेकर घमासान
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जिलाध्यक्ष को लेकर भाकियू में घमासान
मेरठ। दो गुटों में बंटी जिला भाकियू में जिलाध्यक्ष का विवाद एक बार फिर से गरमा गया है। बाबा इलम सिंह गुट ने जहां बुधवार को बैठक कर रामबोस दबथुआ को जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया, वहीं हाईकमान ने इसे अनुशासनहीनता करार देते हुए गजेंद्र सिंह दबथुआ को ही जिलाध्यक्ष बरकरार रखा है।
जिला भाकियू संगठन जिलाध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से दो गुटों में बंटा है। हाईकमान ने जहां गजेंद्र सिंह दबथुआ को संगठन का जिलाध्यक्ष बना रखा है, वहीं बाबा इलम सिंह गुट इसका लगातार विरोध करता आ रहा है। हरिद्वार में संपन्न हुए किसान चिंतन शिविर में भी इलम सिंह गुट ने गजेंद्र सिंह पर किसान विरोधी कार्य करने के आरोप लगाते हुए इनके स्थान पर रामबोस दबथुआ को जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया था। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इसे सही नहीं माना था और मेरठ में आकर बात करने का आश्वासन दिया था।
बुधवार को फिर बाबा इलम सिंह गुट ने बैठक कर रामबोस दबथुआ को जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया। मंडल महामंत्री नरेश चौधरी ने अपने लैटर पैड पर उनकी नियुक्ति भी कर दी। संगठन में जिलाध्यक्ष बनाने का अधिकार प्रदेश अध्यक्ष को दिया गया है। सवाल उठता है कि मंडल महामंत्री नरेश चौधरी ने किस अधिकार से रामबोस की जिलाध्यक्ष पद पर नियुक्ति कर दी। पूरे विवाद को लेकर जब संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत से बात की गई तो उन्होंने कहा गजेंद्र सिंह दबथुआ संगठन का जिलाध्यक्ष है। जो लोग किसी दूसरे को जिलाध्यक्ष घोषित कर रहे है वह अनुशासनहीनता कर रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बारे में जल्द ही मिल बैठकर फैसला लिया जाएगा।
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मेरठ। दो गुटों में बंटी जिला भाकियू में जिलाध्यक्ष का विवाद एक बार फिर से गरमा गया है। बाबा इलम सिंह गुट ने जहां बुधवार को बैठक कर रामबोस दबथुआ को जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया, वहीं हाईकमान ने इसे अनुशासनहीनता करार देते हुए गजेंद्र सिंह दबथुआ को ही जिलाध्यक्ष बरकरार रखा है।
जिला भाकियू संगठन जिलाध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से दो गुटों में बंटा है। हाईकमान ने जहां गजेंद्र सिंह दबथुआ को संगठन का जिलाध्यक्ष बना रखा है, वहीं बाबा इलम सिंह गुट इसका लगातार विरोध करता आ रहा है। हरिद्वार में संपन्न हुए किसान चिंतन शिविर में भी इलम सिंह गुट ने गजेंद्र सिंह पर किसान विरोधी कार्य करने के आरोप लगाते हुए इनके स्थान पर रामबोस दबथुआ को जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया था। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इसे सही नहीं माना था और मेरठ में आकर बात करने का आश्वासन दिया था।
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बुधवार को फिर बाबा इलम सिंह गुट ने बैठक कर रामबोस दबथुआ को जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया। मंडल महामंत्री नरेश चौधरी ने अपने लैटर पैड पर उनकी नियुक्ति भी कर दी। संगठन में जिलाध्यक्ष बनाने का अधिकार प्रदेश अध्यक्ष को दिया गया है। सवाल उठता है कि मंडल महामंत्री नरेश चौधरी ने किस अधिकार से रामबोस की जिलाध्यक्ष पद पर नियुक्ति कर दी। पूरे विवाद को लेकर जब संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत से बात की गई तो उन्होंने कहा गजेंद्र सिंह दबथुआ संगठन का जिलाध्यक्ष है। जो लोग किसी दूसरे को जिलाध्यक्ष घोषित कर रहे है वह अनुशासनहीनता कर रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बारे में जल्द ही मिल बैठकर फैसला लिया जाएगा।
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