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बाजार में मिलावटी दूध और मावे की भरमार
Updated Fri, 15 Jun 2018 08:43 PM IST
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सरूरपुर। त्योहार आते ही मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। देहात क्षेत्र में चोरी छिपे सिंथेटिक दूध, मावा, घी व तेल बनाया जा रहा है। वहीं, काफी मात्रा में मिलावटी खाद्य पदार्थों की खेप देहात क्षेत्र से त्योहारों के मौके पर शहरों में पहुंचाई जा रही है। मिलावटखोरों ने बाजारों एवं छोटी-बड़ी दुकानों पर पकड़ बना रखी है। हैरत की बात ये है कि प्रशासन ने अब तक मिलावटखोरों पर शिकंजा नहीं कसा है। जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर पहले मिलावटी मावा, दूध एवं घी के कारोबारियों की तलाश में जिला प्रशासन की टीमों ने ताबड़तोड़ छापे मारे थे। जिससे डेरियों और दुकानों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। इसके बाद से जिला प्रशासन मौन है। संभवत: यह मानकर चल रहा है कि क्षेत्र में मिलावटखोरी बंद हो चुकी है। हालांकि त्योहारों का मौका है, तो एक बार फिर देहात क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध और मावा आदि खाद्य पदार्थों की बिक्री जोरों पर है। गोटका, जैनपुर, मुल्हैड़ा, जसड़ सुलताननगर, हर्रा, पांचली बुजुर्ग, रासना आदि गांव इस मामले में अव्वल हैं। मिलावटखोर यहां शुद्ध देशी घी में वनस्पति घी मिलाकर, मावे में आलू व मैदा आदि मिलाकर, दूध में यूरिया आदि हानिकारक पदार्थ की मिलावट कर बिक्री हेतु आपूर्ति करते हैं। ईद के मौके पर देहात और शहरी क्षेत्र में दूध और मावे की भारी मांग रहती है। जिसके चलते शहरी लोग दूध की शुद्धता के लिए गांव की ओर रुख करते हैं। मगर यहां भी मिलावटखोर सक्र्रिय हैं। मिलावटखोरी रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से किए तमाम दावे इस बार हवाई साबित हुए हैं। जिला प्रशासन ने पूर्व में इस संबंध में पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के आधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे शहर और देहात क्षेत्र के संदिग्ध प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करें। इससे पहले डेरियों एवं मिष्ठान प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करके कई नमूने भरे थे, मगर रिपोर्ट नहीं आने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। उधर, एसडीएम सरधना राकेश सिंह ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही।
मुख्य बातें
ईद पर हो रहा है लोगों सेहत से खिलवाड़
प्रशासन की कोशिशें हुई बौनी साबित
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स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर पहले मिलावटी मावा, दूध एवं घी के कारोबारियों की तलाश में जिला प्रशासन की टीमों ने ताबड़तोड़ छापे मारे थे। जिससे डेरियों और दुकानों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। इसके बाद से जिला प्रशासन मौन है। संभवत: यह मानकर चल रहा है कि क्षेत्र में मिलावटखोरी बंद हो चुकी है। हालांकि त्योहारों का मौका है, तो एक बार फिर देहात क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध और मावा आदि खाद्य पदार्थों की बिक्री जोरों पर है। गोटका, जैनपुर, मुल्हैड़ा, जसड़ सुलताननगर, हर्रा, पांचली बुजुर्ग, रासना आदि गांव इस मामले में अव्वल हैं। मिलावटखोर यहां शुद्ध देशी घी में वनस्पति घी मिलाकर, मावे में आलू व मैदा आदि मिलाकर, दूध में यूरिया आदि हानिकारक पदार्थ की मिलावट कर बिक्री हेतु आपूर्ति करते हैं। ईद के मौके पर देहात और शहरी क्षेत्र में दूध और मावे की भारी मांग रहती है। जिसके चलते शहरी लोग दूध की शुद्धता के लिए गांव की ओर रुख करते हैं। मगर यहां भी मिलावटखोर सक्र्रिय हैं। मिलावटखोरी रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से किए तमाम दावे इस बार हवाई साबित हुए हैं। जिला प्रशासन ने पूर्व में इस संबंध में पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के आधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे शहर और देहात क्षेत्र के संदिग्ध प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करें। इससे पहले डेरियों एवं मिष्ठान प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करके कई नमूने भरे थे, मगर रिपोर्ट नहीं आने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। उधर, एसडीएम सरधना राकेश सिंह ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही।
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मुख्य बातें
ईद पर हो रहा है लोगों सेहत से खिलवाड़
प्रशासन की कोशिशें हुई बौनी साबित