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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   15 new patients, two doctors in one day of swine flu

स्वाइन फ्लू के एक दिन में 15 नए मरीज, इनमें दो चिकित्सक

Tue, 19 Feb 2019 01:57 AM IST
Gaurav sharma न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला
न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला Published by: Gaurav sharma Updated Tue, 19 Feb 2019 01:57 AM IST
सार

322 मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि इस साल के 69 दिनों में
222 मरीज महानगर के रहने वाले, बाकी अन्य जिलों के

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विस्तार


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 स्वाइन फ्लू ने लोगों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की नाक में भी दम किया हुआ है। सोमवार को 32 सैंपलों की जांच में 15 नए मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें नौ मरीज मेरठ के हैं, बाकी छह मरीज हापुड़, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार  और गाजियाबाद जिले के रहने वाले हैं। इनमें दो चिकित्सक भी शामिल हैं। इनका इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में चल रहा है।
नए मरीजों में मेरठ से शास्त्रीनगर, मवाना रोड, फूलबाग कालोनी, कंकरखेड़ा, मेडिकल कॉलेज श्रद्धापुरी, पल्लवपुरम, सदर बाजार और ब्रह्मपुरी आदि क्षेत्रों के रहने वाले हैं। मरीजों की उम्र चार साल से लेकर 61 साल तक है। इस सीजन में नवंबर से अब तक स्वाइन फ्लू से पीड़ित मेरठ के पांच मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। साल 2017 में स्वाइन फ्लू के करीब 395 मरीज मिले थे, जिनमें से 21 लोगों की मौत हो गई थी। साल 2018 में मेरठ में 68 मरीज मिले थे और इस साल अब तक 322 मरीज मिल चुके हैं। इनमें मेरठ के 222 मरीज हैं। इन्हें मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग लोगों में जागरूकता लाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। लेकिन यह अभियान भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। मरीजों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है।
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स्वाइन फ्लू का खौफ
मेरठ।
जिस तरह स्वाइन फ्लू के मरीज लगातार मिल रहे हैं, उसी तरह इसका खौफ भी बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ती संख्या के मद्देनजर 15 हजार टेमी फ्लू की टेबलेट मंगाने की निर्णय लिया है। इस संबंध में शासन को मांग भेज दी है। दूसरी तरफ, 500 डोज वैक्सीन स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए मंगाई जा रही है।
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सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि 15 हजार टेमी फ्लू 75 एमजी की मंगाई जा रही हैं, क्योंकि सबसे ज्यादा डिमांड इसी एमजी की टेबलेट की है। यह टेबलेट 40 किलो से ज्यादा वजन के मरीजों को दी जाती है। अधिकांश मरीज इसी रेंज के हैं। इसके अलावा स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए चिकित्सकों और अन्य स्टाफ के लिए 500 डोज वैक्सीन मंगाई गई है, ताकि स्वाइन फ्लू होने से पहले ही स्टाफ और चिकित्सकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकी। खासकर मेडिकल में माइक्रोबायोलॉजी लैब में जांच करने वाले स्टाफ की। दरअसल, यहां के स्टाफ के कई लोगों को स्वाइन फ्लू हो चुका है। वह सैंपल की जांच करते हैं, इसलिए उन्हें ज्यादा खतरा है। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए सीरप पर्याप्त है। इसके अलावा टेमी फ्लू भी अभी जरूरत के हिसाब से है। एहतियातन यह डोज मंगाई जा रही है।

इन्हें दी जाती है टेमी फ्लू
स्वाइन फ्लू के मरीजों या स्वाइन फ्लू पीड़ित के साथ रहने वाले मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग टेमी फ्लू या ओसेल्टामिविर की दवा पांच दिन तक देता है। 15 से 23 किलोग्राम तक 45 एमजी, 24 से 40 किलो तक 60 एमजी, 40 किलोग्राम से ज्यादा वजन वालों को 75 एमजी, 3 माह के शिशु को 12 एमजी, 3-5 माह उम्र के शिशु को 20 एमजी और 6 से 11 माह तक के शिशु को 25 एमजी की डोज दी जाती है।
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