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आरिफ के जख्मों पर प्रशासन ने लगाया मरहम
Updated Sun, 01 Oct 2017 12:07 AM IST
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शामली।
लापता किशोरी को तलाशने के लिए बागपत के गांव निवाड़ा निवासी सलमू का परिवार हरिद्वार गया था। वहां घोड़ा चोरी हो गया था, जिस कारण बुग्गी को सलमू की बेटी और बेटा खींचते हुए शामली तक लाए। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को इसका पता चला तो उन्होंने पीड़ित परिवार को घोड़ा खरीदकर दिलाने के बाद बागपत की तरफ रवाना किया गया।
गांव निवाड़ा निवासी सलमू दृष्टिहीन है। उसकी बहन की पोती खैरूना कुछ माह पूर्व लापता हो गई थी। खैरूना की मां ने सलमू की बेटी हिना और बड़ौत निवासी एक युवक पर हत्या का आरोप लगाया था, जिसके चलते पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उधर, सलमू को मालूम चला कि खैरूना को कोई साधू बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया और वह हरिद्वार में कहीं छिपकर रह रहा है। इसके चलते सलमू नौ दिन पूर्व घोड़ा बग्गी में अपनी बेटी मीना, बेटे आसिफ और बहन शकीला के साथ हरिद्वार गया। वहां खैरूना को तलाश किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसी दौरान उनका घोड़ा भी चोरी कर लिया गया। इसके चलते बगैर घोड़े के ही मीना, आसिफ और शकीला बारी बारी से बुग्गी को खींचकर हरिद्वार से सहारनपुर के रास्ते जलालाबाद और थानाभवन होते हुए शामली पहुंचे।
शनिवार सुबह जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह और पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा को इसका पता चला, जिसके बाद उन्होंने उक्त परिवार को तलाश किया। एसटी तिराहे पर वह मिल गए। इसके बाद बनत निवासी सुक्का से उसका घोड़ा 17 हजार रुपये में खरीदकर पीड़ित परिवार को दिलाया। साथ ही चिकित्सक बुलाकर मीना और आसिफ के पैरों का उपचार कराया, क्योंकि पैदल बुग्गी खींचकर लाने के दौरान उनके पैरों में छाले भी पड़ गए थे। इसके साथ ही तीनों सदस्यों को सैंडल दिलवाई। शामली से दोपहर करीब दो बजे परिवार को सिपाही वेदपाल राणा के साथ बागपत रवाना कर दिया गया।
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हत्या के झूठे आरोप में उसकी बेटी को जेल भिजवाया:- सलमू
दृष्टिहीन सलमू ने बताया कि उसकी बहन की पोती खैरूना लापता हुई, लेकिन उसकी बहन ने हत्या का आरोप लगा दिया। पुलिस ने भी मामले की गंभीरता से जांच करने का प्रयास नहीं किया, जबकि छानबीन करने में मालूम चला खैरूना हरिद्वार में किसी बाबा के पास है। यदि उस बाबा को पकड़ लिया जाए, तो खैरूना भी मिल जाती।
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लापता किशोरी को तलाशने के लिए बागपत के गांव निवाड़ा निवासी सलमू का परिवार हरिद्वार गया था। वहां घोड़ा चोरी हो गया था, जिस कारण बुग्गी को सलमू की बेटी और बेटा खींचते हुए शामली तक लाए। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को इसका पता चला तो उन्होंने पीड़ित परिवार को घोड़ा खरीदकर दिलाने के बाद बागपत की तरफ रवाना किया गया।
गांव निवाड़ा निवासी सलमू दृष्टिहीन है। उसकी बहन की पोती खैरूना कुछ माह पूर्व लापता हो गई थी। खैरूना की मां ने सलमू की बेटी हिना और बड़ौत निवासी एक युवक पर हत्या का आरोप लगाया था, जिसके चलते पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उधर, सलमू को मालूम चला कि खैरूना को कोई साधू बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया और वह हरिद्वार में कहीं छिपकर रह रहा है। इसके चलते सलमू नौ दिन पूर्व घोड़ा बग्गी में अपनी बेटी मीना, बेटे आसिफ और बहन शकीला के साथ हरिद्वार गया। वहां खैरूना को तलाश किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसी दौरान उनका घोड़ा भी चोरी कर लिया गया। इसके चलते बगैर घोड़े के ही मीना, आसिफ और शकीला बारी बारी से बुग्गी को खींचकर हरिद्वार से सहारनपुर के रास्ते जलालाबाद और थानाभवन होते हुए शामली पहुंचे।
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शनिवार सुबह जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह और पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा को इसका पता चला, जिसके बाद उन्होंने उक्त परिवार को तलाश किया। एसटी तिराहे पर वह मिल गए। इसके बाद बनत निवासी सुक्का से उसका घोड़ा 17 हजार रुपये में खरीदकर पीड़ित परिवार को दिलाया। साथ ही चिकित्सक बुलाकर मीना और आसिफ के पैरों का उपचार कराया, क्योंकि पैदल बुग्गी खींचकर लाने के दौरान उनके पैरों में छाले भी पड़ गए थे। इसके साथ ही तीनों सदस्यों को सैंडल दिलवाई। शामली से दोपहर करीब दो बजे परिवार को सिपाही वेदपाल राणा के साथ बागपत रवाना कर दिया गया।
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हत्या के झूठे आरोप में उसकी बेटी को जेल भिजवाया:- सलमू
दृष्टिहीन सलमू ने बताया कि उसकी बहन की पोती खैरूना लापता हुई, लेकिन उसकी बहन ने हत्या का आरोप लगा दिया। पुलिस ने भी मामले की गंभीरता से जांच करने का प्रयास नहीं किया, जबकि छानबीन करने में मालूम चला खैरूना हरिद्वार में किसी बाबा के पास है। यदि उस बाबा को पकड़ लिया जाए, तो खैरूना भी मिल जाती।