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भविष्य की राजनैतिक जमीन तैयार करने को राष्ट्रोदय का सहारा
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:28 AM IST
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राष्ट्रोदय के जरिये भाजपा में रास्ता बना रहे गैर भाजपाई
मेरठ।
भाजपा के मूल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ है, जो किसी से छिपा नहीं है। वर्तमान में केंद्र और प्रदेश दोनों में भाजपा की सरकार है और प्रदेश में अभी चार साल से ज्यादा भाजपा की सरकार रहने वाली है। ऐसे में कई गैर भाजपाई नेता और उनके समर्थक संघ के जरिये भाजपा में जाने का रास्ता तलाशने में जुट गए हैं। इसी सोच के चलते राष्ट्रोदय में कई गैर भाजपाई चेहरे पूर्ण गणवेश में नजर आएंगे।
आरएसएस का 25 फरवरी को सबसे बड़ा आयोजन ‘राष्ट्रोदय’ होने जा रहा है। इस कार्यक्रम की तैयारी पिछले छह माह से चल रही है। इस कार्यक्रम में आने के लिए स्वयं सेवकों के ऑनलाइन पंजीकरण हुए थे। सूत्रों के अनुसार पंजीकरण कराने वालों में गैर भाजपाई दलों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हैं। कई नेता तो ऐसे हैं जो कई माह से नियमित संघ की शाखाओं में भी नजर आ रहे हैं। इन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संघ के गणवेश भी ले लिये हैं।
इन गैर भाजपाई नेताओं की अगर बात करें तो सपा के एक पूर्व जिलाध्यक्ष और उनके कुछ साथियों सहित बसपा के भी एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य, एक भाईचारा कमेटी के पदाधिकारी रहे नेताओं सहित कई कार्यकर्ता शामिल हैं। ये सभी लोग राष्ट्रोदय में जाने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। हालांकि कुछ कार्यकर्ता ऐसे भी हैं, जो बसपा में ही सक्रिय हैं, लेकिन उनकी करीबी भाजपा नेताओं से है तो ऐसे में कार्यक्रम की गरिमा और भव्यता को देखने की लालसा में वह उनके साथ इस राष्ट्रोदय में जाने की बात कर रहे हैं।
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भाजपा में रास्ता तलाश की कवायद
राष्ट्रोदय में शामिल होने की इस कवायद के पीछे कुछ राजनीतिक नेताओं का कहना है कि ये लोग अपने हित साधने के लिए जिसमें फिलहाल चल रहे सहकारिता चुनाव सहित अपने खिलाफ चल रही जांच आदि को दबाने के प्रयास में है। इसके साथ ही ये लोग भविष्य की राजनीतिक भूमि भी संघ के जरिये तलाशने की कोशिश में हैं।
कहीं नजर रखने की कवायद तो नहीं
राष्ट्रोदय पर विपक्षी दलों की भी नजर लगी है। ऐसे में संघ प्रमुख का संबोधन और आने वाली भीड़ का आंकलन करने के लिए भी कुछ गैर भाजपाई दलों की कवायद होने की बात कही जा रही है।
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मेरठ।
भाजपा के मूल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ है, जो किसी से छिपा नहीं है। वर्तमान में केंद्र और प्रदेश दोनों में भाजपा की सरकार है और प्रदेश में अभी चार साल से ज्यादा भाजपा की सरकार रहने वाली है। ऐसे में कई गैर भाजपाई नेता और उनके समर्थक संघ के जरिये भाजपा में जाने का रास्ता तलाशने में जुट गए हैं। इसी सोच के चलते राष्ट्रोदय में कई गैर भाजपाई चेहरे पूर्ण गणवेश में नजर आएंगे।
आरएसएस का 25 फरवरी को सबसे बड़ा आयोजन ‘राष्ट्रोदय’ होने जा रहा है। इस कार्यक्रम की तैयारी पिछले छह माह से चल रही है। इस कार्यक्रम में आने के लिए स्वयं सेवकों के ऑनलाइन पंजीकरण हुए थे। सूत्रों के अनुसार पंजीकरण कराने वालों में गैर भाजपाई दलों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हैं। कई नेता तो ऐसे हैं जो कई माह से नियमित संघ की शाखाओं में भी नजर आ रहे हैं। इन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संघ के गणवेश भी ले लिये हैं।
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इन गैर भाजपाई नेताओं की अगर बात करें तो सपा के एक पूर्व जिलाध्यक्ष और उनके कुछ साथियों सहित बसपा के भी एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य, एक भाईचारा कमेटी के पदाधिकारी रहे नेताओं सहित कई कार्यकर्ता शामिल हैं। ये सभी लोग राष्ट्रोदय में जाने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। हालांकि कुछ कार्यकर्ता ऐसे भी हैं, जो बसपा में ही सक्रिय हैं, लेकिन उनकी करीबी भाजपा नेताओं से है तो ऐसे में कार्यक्रम की गरिमा और भव्यता को देखने की लालसा में वह उनके साथ इस राष्ट्रोदय में जाने की बात कर रहे हैं।
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भाजपा में रास्ता तलाश की कवायद
राष्ट्रोदय में शामिल होने की इस कवायद के पीछे कुछ राजनीतिक नेताओं का कहना है कि ये लोग अपने हित साधने के लिए जिसमें फिलहाल चल रहे सहकारिता चुनाव सहित अपने खिलाफ चल रही जांच आदि को दबाने के प्रयास में है। इसके साथ ही ये लोग भविष्य की राजनीतिक भूमि भी संघ के जरिये तलाशने की कोशिश में हैं।
कहीं नजर रखने की कवायद तो नहीं
राष्ट्रोदय पर विपक्षी दलों की भी नजर लगी है। ऐसे में संघ प्रमुख का संबोधन और आने वाली भीड़ का आंकलन करने के लिए भी कुछ गैर भाजपाई दलों की कवायद होने की बात कही जा रही है।