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अप्रैल में ही करना पड़ेगा लू का सामना सामान्य से अधिक रहेगा तापमान
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अलनीनो के असर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढे़गा लू का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ने के आसार
अमर उजाला ब्यूरो
मोदीपुरम।
चुनावी मौसम के बीच गर्मी का मौसम भी अलग रंग दिखाने को तैयार है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार सामान्य से अधिक गर्मी पड़ेगी। अप्रैल माह के अंत तक लू का सामना करना पड़ सकता है। मई की शुरुआत में ही तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। आशंका जताई जा रही है कि अलनीनो की वजह से एनसीआर में लू अधिक परेशान करेगी।
मौसम विशेषज्ञों की माने तो अलनीनो के शुरुआती असर के चलते तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र में अभी से लू चलने लगी है। जल्द ही इसका असर दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में भी दिखाई देने लगेगा। मई-जून में दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। तापमान में अभी से बढ़ोतरी शुरू हो गई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
क्या है अलनीनो
अलनीनो स्पेनिश भाषा का शब्द है। इसका अर्थ होता है शिशु। वैज्ञानिकों की भाषा में एल-नीनो प्रशांत महासागर के भूमध्यीय क्षेत्र की उस समुद्री घटना का नाम है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित इक्वाडोर और पेरू देशों के तटीय समुद्री जल में कुछ सालों के अंतराल पर घटित होती है। इससे समुद्र के सतही जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है।
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क्या है लू
उत्तरी भारत में गर्मियों में उत्तर पूर्व और पश्चिम से पूरब दिशा में चलने वाली उष्ण हवाओं को लू कहते हैं। अमूमन ये हवाएं मई-जून में चलती हैं। लू का असर उस वक्त ज्यादा बढ़ जाता है जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो और हवाएं तेज चलें।
लू कर सकती है बीमार
लू के असर से आदमी बीमार पड़ जाता है। उसे बुखार हो जाता है, पसीना नहीं आता है। यह व्यक्ति के मस्तिष्क तक को प्रभावित करती है। ऐसे में रोगी के शरीर में नमक और पानी की कमी हो जाती है। लू के असर से आदमी बेहोश हो सकता है। उसका ब्लडप्रेशर कम हो जाता है।
वर्जन=======
वेस्ट यूपी में अप्रैल से जून के बीच 0.5 से एक डिग्री तक तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। इस कारण गर्मी का असर अधिक रहेगा। राजस्थान में बन रहे साइक्लोन के कारण हीट वेव भी ज्यादा चलेंगी।
डॉ. एन सुभाष मौसम वैज्ञानिक, आईआईएफएसआर
वर्जन=======
छह से सात अप्रैल के बीच वेस्ट यूपी के कुछ हिस्सों में धूल भरी हवाएं चलने की आशंका है। कहीं-कहीं पर बारिश भी हो सकती है। लू का असर भी समय से पहले दिखने लगा है। अप्रैल मई में लू परेशान कर सकती है।
डॉ. यूपी शाही, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विवि
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विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ने के आसार
अमर उजाला ब्यूरो
मोदीपुरम।
चुनावी मौसम के बीच गर्मी का मौसम भी अलग रंग दिखाने को तैयार है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार सामान्य से अधिक गर्मी पड़ेगी। अप्रैल माह के अंत तक लू का सामना करना पड़ सकता है। मई की शुरुआत में ही तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। आशंका जताई जा रही है कि अलनीनो की वजह से एनसीआर में लू अधिक परेशान करेगी।
मौसम विशेषज्ञों की माने तो अलनीनो के शुरुआती असर के चलते तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र में अभी से लू चलने लगी है। जल्द ही इसका असर दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में भी दिखाई देने लगेगा। मई-जून में दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। तापमान में अभी से बढ़ोतरी शुरू हो गई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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क्या है अलनीनो
अलनीनो स्पेनिश भाषा का शब्द है। इसका अर्थ होता है शिशु। वैज्ञानिकों की भाषा में एल-नीनो प्रशांत महासागर के भूमध्यीय क्षेत्र की उस समुद्री घटना का नाम है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित इक्वाडोर और पेरू देशों के तटीय समुद्री जल में कुछ सालों के अंतराल पर घटित होती है। इससे समुद्र के सतही जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है।
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क्या है लू
उत्तरी भारत में गर्मियों में उत्तर पूर्व और पश्चिम से पूरब दिशा में चलने वाली उष्ण हवाओं को लू कहते हैं। अमूमन ये हवाएं मई-जून में चलती हैं। लू का असर उस वक्त ज्यादा बढ़ जाता है जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो और हवाएं तेज चलें।
लू कर सकती है बीमार
लू के असर से आदमी बीमार पड़ जाता है। उसे बुखार हो जाता है, पसीना नहीं आता है। यह व्यक्ति के मस्तिष्क तक को प्रभावित करती है। ऐसे में रोगी के शरीर में नमक और पानी की कमी हो जाती है। लू के असर से आदमी बेहोश हो सकता है। उसका ब्लडप्रेशर कम हो जाता है।
वर्जन=======
वेस्ट यूपी में अप्रैल से जून के बीच 0.5 से एक डिग्री तक तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। इस कारण गर्मी का असर अधिक रहेगा। राजस्थान में बन रहे साइक्लोन के कारण हीट वेव भी ज्यादा चलेंगी।
डॉ. एन सुभाष मौसम वैज्ञानिक, आईआईएफएसआर
वर्जन=======
छह से सात अप्रैल के बीच वेस्ट यूपी के कुछ हिस्सों में धूल भरी हवाएं चलने की आशंका है। कहीं-कहीं पर बारिश भी हो सकती है। लू का असर भी समय से पहले दिखने लगा है। अप्रैल मई में लू परेशान कर सकती है।
डॉ. यूपी शाही, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विवि