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सेहत-सुरक्षा की बात से जीता किसानों का दिल
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Tue, 28 Feb 2017 12:27 AM IST
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जनसभा को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाषण के दौरान किसान और गरीब पर मेहरबान रहे। उन्होंने पूर्वांचल के किसानों और गरीबों का दर्द इस तरह बयां किए कि सभा में मौजूद लोग सोचने पर विवश हो गया। आधे घंटे से अधिक के संबोधन में किसान और गरीबों के दर्द को बयां किया और उनकी सेहत और फसल की सुरक्षा के साथ उनकी आमदनी दोगुनी करने का भरोसा दिलाया।
देश में सालों तक शासन करने वाली सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय में 1962 में संसद में उठाए गए गाजीपुर के सांसद विश्वनाथ के सवाल पर इतने सालों तक चुप्पी को देश के लिए शर्मनाक बताया। कहा गरीब परिवार के होने के नाते वह गरीबों का दर्द समझते हैं। इसी लिए उन्होंने जीवन रक्षक दवाओं का दाम कम किया और दिल के आपरेशन में लगने वाले वाल्व की कीमत कम कराई ताकि गरीबों को भी स्वास्थ्य भी ठीक रह सके। यहां रेलवे का विकास से लेकर अन्य कारखाने लगाने का मन पटेल रिपोर्ट को पढ़कर बनाया ताकि यहां की गरीबी दूर हो सके।
कहा कि देश का अन्नदाता आज प्राकृतिक आपदाओं को लेकर बहुत चिंतित है। प्रधानमंत्री फसल बीमा से किसानों को उनकी फसल की सुरक्षा मिलेगी वह भी महज डेढ़ से दो रुपये के प्रीमियम पर। किसानों की जमीनों की सेहत खराब है। उसके लिए वह चिंतित हैं। पूर्वांचल के किसानों को नहीं पता कि वैज्ञानिक ढंग से खेती से उन्हें क्या लाभ मिलेगा। वह पड़ोसी किसान के लाल और पीले रंग के डिब्बे की दवाई बिना यह जाने डाल देते हैं कि वह फायदा करेगी या नुकसान। यहां किसानों के खेती की जमीनों का स्वास्थ्य परीक्षण वैज्ञानिक ढंग से कराकर उन्हें बताया जाएगा कि वह किस जमीन पर कौन सी फसल कितना बोएंगे और कौन सी खाद और दवा कितना डालेंगे।
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तब जाकर यहां के किसानों में खुशहाली आएंगे। किसानों के कर्ज को माफ किया जाएगा ताकि वह अपनी गरीबी से ऊबर सकें। यह काम सरकार बनने के बाद पहली मीटिंग में होगा। किसानों के फसल गन्ना, धान, गेहूं की खरीद सुनिश्चित कराई जाएगी ताकि उनके फसल का लाभ समर्थन मूल्य के अनुसार मिल सके। किसानों के फसल को मंडी तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। गन्ने का भुगतान महज 14 दिन के अंदर होगा। बीजेपी की सरकार गरीबों के लिए है। उन्होंने अपनी गरीबी को भी बयां किया कि कैसे उनकी मां दूसरों के घर झाड़ू, पोंछा और पानी भरकर गुजारा करती थी। यही नहीं उन्होंने अपने पिता को चाय बेचने वाला बताया कि वह गरीबों के दर्द को अनुभव करते हैं और उसके हिसाब से उनके लिए योजनाओं का फैसला लेते हैं।
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देश में सालों तक शासन करने वाली सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय में 1962 में संसद में उठाए गए गाजीपुर के सांसद विश्वनाथ के सवाल पर इतने सालों तक चुप्पी को देश के लिए शर्मनाक बताया। कहा गरीब परिवार के होने के नाते वह गरीबों का दर्द समझते हैं। इसी लिए उन्होंने जीवन रक्षक दवाओं का दाम कम किया और दिल के आपरेशन में लगने वाले वाल्व की कीमत कम कराई ताकि गरीबों को भी स्वास्थ्य भी ठीक रह सके। यहां रेलवे का विकास से लेकर अन्य कारखाने लगाने का मन पटेल रिपोर्ट को पढ़कर बनाया ताकि यहां की गरीबी दूर हो सके।
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कहा कि देश का अन्नदाता आज प्राकृतिक आपदाओं को लेकर बहुत चिंतित है। प्रधानमंत्री फसल बीमा से किसानों को उनकी फसल की सुरक्षा मिलेगी वह भी महज डेढ़ से दो रुपये के प्रीमियम पर। किसानों की जमीनों की सेहत खराब है। उसके लिए वह चिंतित हैं। पूर्वांचल के किसानों को नहीं पता कि वैज्ञानिक ढंग से खेती से उन्हें क्या लाभ मिलेगा। वह पड़ोसी किसान के लाल और पीले रंग के डिब्बे की दवाई बिना यह जाने डाल देते हैं कि वह फायदा करेगी या नुकसान। यहां किसानों के खेती की जमीनों का स्वास्थ्य परीक्षण वैज्ञानिक ढंग से कराकर उन्हें बताया जाएगा कि वह किस जमीन पर कौन सी फसल कितना बोएंगे और कौन सी खाद और दवा कितना डालेंगे।
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तब जाकर यहां के किसानों में खुशहाली आएंगे। किसानों के कर्ज को माफ किया जाएगा ताकि वह अपनी गरीबी से ऊबर सकें। यह काम सरकार बनने के बाद पहली मीटिंग में होगा। किसानों के फसल गन्ना, धान, गेहूं की खरीद सुनिश्चित कराई जाएगी ताकि उनके फसल का लाभ समर्थन मूल्य के अनुसार मिल सके। किसानों के फसल को मंडी तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। गन्ने का भुगतान महज 14 दिन के अंदर होगा। बीजेपी की सरकार गरीबों के लिए है। उन्होंने अपनी गरीबी को भी बयां किया कि कैसे उनकी मां दूसरों के घर झाड़ू, पोंछा और पानी भरकर गुजारा करती थी। यही नहीं उन्होंने अपने पिता को चाय बेचने वाला बताया कि वह गरीबों के दर्द को अनुभव करते हैं और उसके हिसाब से उनके लिए योजनाओं का फैसला लेते हैं।