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Mau News: ऑनलाइन कर सकेंगे पुराने वाहनों का ट्रांसफर
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मऊ। एआरटीओ कार्यालय में अब अपने पुराने वाहनों का ट्रांसफर कराने को लेकर भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। दरअसल विभाग द्वारा लर्निंग लाइसेंस के बाद अब वाहन ट्रांसफर की सुविधा भी घर बैठे देने की व्यवस्था करने में जुटा है।
विभाग द्वारा इसके लिए क्रेता-विक्रेता का सत्यापन करने के लिए दोनों के मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा। जहां दोनों आपस में ओटीपी साझा करेंगे, इसके बाद वाहन ट्रांसफर हो जाएगा। संभागीय परिवहन विभाग का दावा है कि नई व्यवस्था अंतिम चरण में है, जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।
एआरटीओ सुहेल अहमद ने बताया कि सरकार लोगों की सुविधा और परिवहन विभाग में दलाली व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में बेहतर कदम उठा रही है। इसी क्रम में वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया भी ओटीपी आधारित करने जा रही है। जल्द ही यह व्यवस्था जिले में भी लागू हो जाएगी।
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बताया कि आम लोगों की आसानी के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार सभी सुविधाएं ऑनलाइन कर रही है। बताया कि पुराना वाहन बेचने के बाद ट्रांसफर की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जाएगी। पहले पुरानी व्यवस्था के तहत दोनों पक्षों को आरटीओ कार्यालय आना पड़ता है।
यहां शाखा प्रभारी दोनों से अपने सामने हस्ताक्षर करवाकर प्रक्रिया पूरी कराते थे। जबकि अब नई व्यवस्था के दौरान दस्तावेज को ऑनलाइन स्कैन किया जाएगा। इसके बादआधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से क्रेता-विक्रेता का सत्यापन होगा। जहां वाहन का मालिकाना हक ट्रांसफर करने के लिए उप्र परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा।
इस दौरान यहां एनआईसी का लिंक मिलेगा, यहां वाहन की आनरशिप ट्रांसफर पर बेचने वाले को क्लिक करना होगा। जहां इसमें दिए गए फॉर्म को भरने के बाद बेचने वाले के आधार से उसका डाटा, लाइसेंस की तरह ही उठा लिया जाएगा। इसके बाद एक ओटीपी आएगा, जिसे डालने पर वाहन बेचने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बताया कि इसके बाद खरीदार का, जो ऑनलाइन आवेदन पर खरीदी जाने वाली गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालेगा। इसके बाद बेचने वाले द्वारा भरी गई जानकारी उसके सामने आ जाएगी। यदि खरीदार ने संबंधित वाहन को खरीदने के लिए स्वीकृति दिया गया, तो उसके पास भी ओटीपी आएगा, जिसे लोड करते ही वाहन की ओनरशिप बदलने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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विभाग द्वारा इसके लिए क्रेता-विक्रेता का सत्यापन करने के लिए दोनों के मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा। जहां दोनों आपस में ओटीपी साझा करेंगे, इसके बाद वाहन ट्रांसफर हो जाएगा। संभागीय परिवहन विभाग का दावा है कि नई व्यवस्था अंतिम चरण में है, जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।
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एआरटीओ सुहेल अहमद ने बताया कि सरकार लोगों की सुविधा और परिवहन विभाग में दलाली व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में बेहतर कदम उठा रही है। इसी क्रम में वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया भी ओटीपी आधारित करने जा रही है। जल्द ही यह व्यवस्था जिले में भी लागू हो जाएगी।
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बताया कि आम लोगों की आसानी के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार सभी सुविधाएं ऑनलाइन कर रही है। बताया कि पुराना वाहन बेचने के बाद ट्रांसफर की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जाएगी। पहले पुरानी व्यवस्था के तहत दोनों पक्षों को आरटीओ कार्यालय आना पड़ता है।
यहां शाखा प्रभारी दोनों से अपने सामने हस्ताक्षर करवाकर प्रक्रिया पूरी कराते थे। जबकि अब नई व्यवस्था के दौरान दस्तावेज को ऑनलाइन स्कैन किया जाएगा। इसके बादआधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से क्रेता-विक्रेता का सत्यापन होगा। जहां वाहन का मालिकाना हक ट्रांसफर करने के लिए उप्र परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा।
इस दौरान यहां एनआईसी का लिंक मिलेगा, यहां वाहन की आनरशिप ट्रांसफर पर बेचने वाले को क्लिक करना होगा। जहां इसमें दिए गए फॉर्म को भरने के बाद बेचने वाले के आधार से उसका डाटा, लाइसेंस की तरह ही उठा लिया जाएगा। इसके बाद एक ओटीपी आएगा, जिसे डालने पर वाहन बेचने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बताया कि इसके बाद खरीदार का, जो ऑनलाइन आवेदन पर खरीदी जाने वाली गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालेगा। इसके बाद बेचने वाले द्वारा भरी गई जानकारी उसके सामने आ जाएगी। यदि खरीदार ने संबंधित वाहन को खरीदने के लिए स्वीकृति दिया गया, तो उसके पास भी ओटीपी आएगा, जिसे लोड करते ही वाहन की ओनरशिप बदलने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।