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आखिरकार कब हैंडओवर होगा राजकीय इंटर कालेज का भवन

Tue, 26 Oct 2021 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 26 Oct 2021 11:48 PM IST
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When will the handover finally be the building of Government Inter College
मऊ। सरकार द्वारा लाखों की लागत से बने राजकीय इंटर कालेज का लाभ छात्र छात्राओं को लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है। क्षेत्र के भिक्खमपुर में 275 लाख की लागत से बना राजकीय इंटर कालेज का भवन बनने के वर्षों बाद भी हैंडओवर नहीं किया जा सका है। जबकि वर्ष 2018-19 में ही कार्य पूरा कर लिया जाना था। क्षेत्र के प्रबुद्धजनों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर विद्यालय को संचालित करने की गुहार लगाई है।
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सरकार की तरफ से पिछड़े ब्लाक रानीपुर में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर कराने सरकार की तरफ से क्षेत्र के भिक्खमपुर में 275 लाख की लागत से राजकीय इंटर कालेज का वर्ष 2016-17 में शिलान्यास किया गया तो क्षेत्र के लोगों में बेहतर शिक्षा की आस जगी। कार्यदायी पैक्सफेड को भवन निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी। भवन बनकर तैैयार है, लेकिन कुछ अधूरा कार्य तथा तकनीकी अड़चन आने के चलते विद्यालय भवन को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। जबकि भवन को वर्ष 2018-19 में ही हैंडओवर हो जाना था।
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भवन की लागत में जीएसटी को शामिल नहीं किया गया था। जीएसटी का लगभग 20 लाख रुपया कार्यदायी संस्था से मांग की जा रही है। इसके चलते तकनीकी पेंच के कुछ कार्य अधर में लटका है।
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सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ न मिलने से लोग आंदोलित हैं। इस संबंध में स्थानीय रविंद्र वर्मा का कहना था कि विद्यालय का भवन हैंडओवर कार्य अधर में लटकने से क्षेत्र के बच्चों को दूर पढ़ने जाना पड़ रहा है। अधूरा कार्य अविलंब पूरा कराया जाए। उधर, राकेश चंद्र वर्मा का कहना है कि दो वर्ष से विद्यालय का बना भवन अनुपयोगी साबित हो रहा है। जनहित में समस्या का अविलंब समाधान किया जाए।

ग्राम प्रधान सिरसा गुड्डू सोनकर का कहना था कि प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन समस्या का समाधान अविलंब किया जाए। वहीं के मुन्ना सिंह का कहना था कि छात्रों के हित में विद्यालय का संचालन किया जाए। जिला समन्यवयक सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यदायी संस्था की तरफ से 37 लाख रुपया जीएसटी की मांग की जा रही है। इसके चलते निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। निदेशालय को पत्र भेजा गया है।
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