पानी का संकट, ताल-तलैया सूखे
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प्रदेश में पिछले दो सालों से लगातार सूखे के बाद मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान की शुरुआत की। इस योजना के तहत प्रथम चरण में अतिक्रमण मुक्त पोखरों को चिह्नित कर उनकी खुदाई एवं उसमें वाटर रिचार्जिंग की सुविधा के साथ पानी भरने का निर्देश दिया। यह कार्य मनरेगा सहित विभिन्न विभागों द्वारा किया जाना था। इस योजना के तहत जिले में 1284 पोखरों को चिह्नित किया गया।
इनमें 884 पोखरों में मनरेगा के तहत सुंदरीकरण एवं उसकी खुदाई आदि का कार्य किया गया है लेकिन इनमें पानी भरने की व्यवस्था नहीं हो सकी। पोखरों में पानी न होने से जहां वाटर लेबल दिन प्रतिदिन खिसकता जा रहा है। नगरीय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत ऐसी जल प्रणालियां जिस पर अतिक्रमण है या जिनका नामोनिशान सिर्फ कागजों में है उन्हें अतिक्रमण मुक्त भी नहीं किया जा सका।