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फिर बढ़ा सरयू नदी का जलस्तर, खिसक रहे बोल्डर

Sun, 07 Aug 2022 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2022 11:57 PM IST
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Then the water level of Saryu river increased, the boulders are slipping
गजियापुर से देवारा तक जाने वाला मार्ग पर पहुंचा सरयू नदी का जलस्तर। - फोटो : MAU
सरयू नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है, नदी का जलस्तर 24 घंटे में 15 सेमी की वृद्धि कर खतरे के निशान से मात्र 30 सेमी नीचे है। उधर जलस्तर बढ़ने से तटीय क्षेत्रों के ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। बढ़ते जलस्तर के बीच लोहड़ा देवारा में नदी कटान भी तेजी से कर रही है। वहीं नगर की सुरक्षा में लगे बोल्डरों के खिसकने का सिलसिला जारी है। नवली के समीप ठोकर नंबर एक पर नदी की उफान तेज है। नदी के तटवर्ती इलाकों में घाघरा के बढ़ते जलस्तर से लोग सहमे में हैं।
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नदी के तटवर्ती इलाकों में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से लोग सहमे में हैं। सिंचाई विभाग द्वारा बनाया गया कटानरोधी प्रोजेक्ट खटाई में पड़ गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद सिंचाई विभाग के हाथ-पांव फूल चुके हैं। घाघरा के जलस्तर पर नजर डाले तो शनिवार की शाम तक घाघरा का जलस्तर 69.45 मीटर था। जो रविवार को बढ़कर 69.60 मीटर हो गया। नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से मात्र 30 सेमी नीचे बह रही है। नदी के रुख से नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, रामजानकी मंदिर, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला आदि पर खतरा मंडराने लगा है। मुक्तिधाम पर शवदाह के लिए बनाया गया छायादार चबूतरे को घाघरा के पानी ने घेर रखा है। जिसके कारण लोग ऊपर ही शवो को जला रहे है।वही भारत माता मंदिर के पास नदी तेज धारा संग बेरोकलिंग कर रही है,जिससे भारत माता मंदिर पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। डोमराज के घर के पास नदी में गिर रहे नाले के पास सुरक्षा में लगाए गए बोल्डर खिसकने लगे है। घाघरा की धारा का नवली व श्मशान घाट के समीप रफ्तार काफी तेज है। इससे तटवर्ती इलाकों में कटान की संभावना बढ़ गई है। एक बार कटान जलस्तर बढ़ने पर होती है और दूसरी बार कटान जलस्तर घटने पर होती है। जिस तरह से घाघरा का जलस्तर बढ़ रहा है उससे लग रहा है कि चौबीस घंटे के अंदर ही वह लाल निशान को छू लेगी।
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