किसान की तड़पकर मौत: मधुमक्खियों ने किया हमला, शरीर पर सैकड़ों डंक के निशान; खेत की रखवाली करने गए थे गनपद
मऊ में मधुमक्खियों के हमले से एक किसान की मौत हो गई। किसान खेत की रखवाली करने गए थे, तभी मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। हमले में उनके शरीर पर सैकड़ों डंक के निशान मिले। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
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सरायलखंसी थाना क्षेत्र के मजखनी पिपरीडीह गांव में बुधवार सुबह खेत की निगरानी करने गए 65 वर्षीय किसान गनपद यादव पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। मधुमक्खियों के सैकड़ों डंक लगने से वह बेहोश होकर खेत में गिर पड़े। करीब 30 मिनट बाद जानकारी मिलने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
मजखनी पिपरीडीह निवासी गनपद यादव खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। बुधवार सुबह वह धान की फसल की निगरानी करने के लिए खेत गए थे। बताया गया कि खेत में पहुंचने के कुछ देर बाद अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों ने उनके शरीर पर कई जगह डंक मार दिए। सैकड़ों डंक लगने के बाद वह बेहोश होकर खेत में गिर पड़े।
घटना के करीब 30 मिनट बाद खेत की ओर जा रहे एक व्यक्ति की नजर गनपद यादव पर पड़ी। उन्हें खेत में बेसुध पड़ा देखकर उसने तत्काल इसकी जानकारी परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। परिजन उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लेकर गए। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद किसान को मृत घोषित कर दिया
परिवार में कोहराम मच
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि किसान के शरीर पर मधुमक्खियों के सैकड़ों डंक के निशान मिले थे। शरीर में बड़ी संख्या में डंक लगने के कारण उनकी हालत गंभीर हुई और उनकी मौत हो गई।
गनपद यादव की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मृतक के परिवार में पत्नी और एक बेटा राजू यादव है। किसान की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। वह खेती-किसानी के सहारे परिवार का खर्च चलाते थे।
घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग भी मौके पर जुट गए। मधुमक्खियों के हमले में किसान की मौत की घटना से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोग खेतों में काम करने के दौरान सावधानी बरतने की बात कह रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार मधुमक्खियों के अचानक हमले से किसान को बचने का मौका नहीं मिल सका।