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तापमान 41 पर पहुंचा, तप रही है दोपहरी
mau
Updated Fri, 11 May 2018 11:37 PM IST
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चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच नगर के सहादतपुरा में स्कूटी से बाजार जातीं युवतियां।
- फोटो : mau
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जिले में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी के मारे जन जीवन बेहाल हो गया है। इंसान से लेकर पशु पक्षी गर्मी के चलते परेशान हैं। जिले के तापमान शुक्रवार को 41 पर पहुंच गया। जिले के कम गहराई वाले ताल तलैया सूख गए हैं। इसके चलते पशु पक्षी भी पानी के अभाव में व्याकुल हो गए है। शुक्रवार का दिन इतना गरम रहा कि मानो आसमान से आग बरस रही थी और जमीन तप रही थी। लोग छाया के लिए इधर- उधर भटक रहे थे। सूर्योदय के साथ ही वातावरण में तपिश का आगाज हुआ। ज्यों-ज्यों दिन चढ़ता गया त्यों-त्यों तापमान में बढ़ोत्तरी होती गई, दोपहर होते होते पारा 41 तक जा पहुंचा। इसके बावूजद गर्मी से लोगों का बुरा हाल रहा।
कई क्षेत्रों में बिजली की कटौती भी कोढ़ में खाज का काम करती रही है। दोपहर की चिलचिलाती धूप में पसीने से तर बतर स्कूली बच्चे वाहनों अथवा साइकिलों से वापस घरों को लौटते देखे गए। गर्मी से बेहाल बच्चों को देख अभिभाव भी परेशान हैं। दोपहर होते होते शहर की सड़कें सूनी हो गई थीं। केवल स्कूली बच्चों के वाहन दिखाई दे रहे थे। इसके अलावा कहीं कहीं बाइक या फिर अन्य वाहनों से आते जाते दिखाई दिए। तीखी धूप होने की वजह से वाहन स्टैंड आदि जगहों पर लोग छांव की तलाश में भ्ाटकते रहे। पशु पक्षियों को पानी का संकट हो गया है। कम गहराई वाले पोखरे तो सूख गए हैं। भीषण गर्मी के चलते सब्जी उत्पादकों के समक्ष गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सिंचाई करने के अगले ही दिन फिर से सब्जियों के खेत सूख जा रहे हैं। यही स्थिति हरे चारे वाले खेतों के हैं। हरे चारे वाले खेतों में नमी बनाए रखना पुश पालकों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है।
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कई क्षेत्रों में बिजली की कटौती भी कोढ़ में खाज का काम करती रही है। दोपहर की चिलचिलाती धूप में पसीने से तर बतर स्कूली बच्चे वाहनों अथवा साइकिलों से वापस घरों को लौटते देखे गए। गर्मी से बेहाल बच्चों को देख अभिभाव भी परेशान हैं। दोपहर होते होते शहर की सड़कें सूनी हो गई थीं। केवल स्कूली बच्चों के वाहन दिखाई दे रहे थे। इसके अलावा कहीं कहीं बाइक या फिर अन्य वाहनों से आते जाते दिखाई दिए। तीखी धूप होने की वजह से वाहन स्टैंड आदि जगहों पर लोग छांव की तलाश में भ्ाटकते रहे। पशु पक्षियों को पानी का संकट हो गया है। कम गहराई वाले पोखरे तो सूख गए हैं। भीषण गर्मी के चलते सब्जी उत्पादकों के समक्ष गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सिंचाई करने के अगले ही दिन फिर से सब्जियों के खेत सूख जा रहे हैं। यही स्थिति हरे चारे वाले खेतों के हैं। हरे चारे वाले खेतों में नमी बनाए रखना पुश पालकों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है।
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