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Mau News: पारा एक डिग्री गिरा पर गर्म हवा ने नहीं दी राहत

Fri, 14 Jun 2024 11:11 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2024 11:11 PM IST
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The mercury dropped by one degree but the hot air did not provide relief.
मऊ। गर्मी के तेवर ढीले नहीं पड़ रहे हैं। घर के बाहर निकलने पर आंच लग रही है और पंखे भी गर्म हवा उगल रहे हैं। हफ्ते भर से जारी गर्मी के कारण घरों की छत और दीवारें तपने लगी हैं। इस बीच बिजली की अंधाधुंध कटौती के चलते दुश्वारी और बढ़ गई है।
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शुक्रवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस था जबकि बृहस्पतिवार को पारा 45 डिग्री पर पहुंच गया था। शुक्रवार को पारे में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई लेकिन हवा में गर्मी बरकरार रही। दोपहर में शहर के मुख्य बाजार और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। सुबह आसमान में बादलों की आवाजाही से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन रात आठ बजे चटख और तल्ख धूप हो गई। गर्म हवा भी चलने लगी।
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दिन जैसे-जैसे चढ़ा तो गर्मी का असर भी बढ़ता गया।दिन में अधिकतम तापमान 44 डिग्री पहुंचा तो सूरज आग बरसाने लगा। घरों से बाहर निकलना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया। गर्म हवाएं भी तन झुलसाती रहीं। दिनभर लोग गर्मी से परेशान नजर आए। तापमान पर नजर डाला जाए शुक्रवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि 13 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। नगर की सड़कों और बाजारों में भी गर्मी का असर दिखाई दिया। यहां दोपहर में सन्नाटा नजर आया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी तीन दिनों तक फिलहाल कोई राहत नहीं मिलने की उम्मीद है। 18 जून से बादलों की आवाजाही के साथ ही तेज हवा चलने और बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। चिकित्सकाें के अनुसार गर्मी में हीट स्ट्रोक होने का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए तेज धूप में बाहर जरूरी होने पर ही निकले और धूप से बचाव के लिए सावधानी बरतना आवश्यक है।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि मौसम में बच्चों में उल्टी दस्त के केस ज्यादा आते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। इससे बचाव के लिए बच्चों को तरल पदार्थ देते रहे। शरीर में पानी की कमी न होने दे और उल्टी दस्त होने पर बच्चों को नमक और चीनी के घोल की जगह ओआरएस का घोल पिलाते रहे। चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं। इसमें लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
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