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एक वर्ष से बंद है सामुदायिक शौचालय में ताला
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एक वर्ष से बंद है विंद्रावन सामुदायिक शौचालय में ताला
खुले में शौच जाने को विवश हैं ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
मझवारा। गांव को खुले में शौच मुक्त कराने के लिए पहले गांव में घर-घर नि:शुल्क शौचालय बनाए गए। इसके बाद भी लोगों की सहूलियत के लिए गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। विभागीय उदासीनता की स्थिति यह है कि क्षेत्र के मलेरीकोट विंद्राबन में सामुदायिक शौचालय बनने के एक वर्ष बाद अनुपयोगी साबित हो रहा है। लाखों की लागत से बने शौचालय का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। रखरखाव के लिए स्वयं सहायता समूह को जिम्मेदारी दी गई है। ग्राम सभा से उनके खाते में पैसा भी दे दिया गया है। इसके बावजूद सामुदायिक शौचालय में ताला लटक रहा है। सब कुछ जानकर आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
घोसी ब्लाक अंतर्गत मलेरी कोट विंद्राबन में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य कराया गया। एक वर्ष से अधिक समय बीत गया, अभी तक ताला ही लटका रहता है। सामुदायिक शौचालय के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह को दी गई है। इन शौचालय में ताला लगा होने के कारण शौचालय का उपयोग आम लोग नहीं कर पा रहे हैं। शौचालय का ताला कब तक खुलेगा आला अधिकारी बताने को तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इस बाबत ग्राम विकास अधिकारी संदीप कुमार सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। जांच पड़ताल कर सामुदायिक शौचालय का संचालन कराया जाएगा।
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एक वर्ष से बंद है विंद्रावन सामुदायिक शौचालय में ताला
खुले में शौच जाने को विवश हैं ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
मझवारा। गांव को खुले में शौच मुक्त कराने के लिए पहले गांव में घर-घर नि:शुल्क शौचालय बनाए गए। इसके बाद भी लोगों की सहूलियत के लिए गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। विभागीय उदासीनता की स्थिति यह है कि क्षेत्र के मलेरीकोट विंद्राबन में सामुदायिक शौचालय बनने के एक वर्ष बाद अनुपयोगी साबित हो रहा है। लाखों की लागत से बने शौचालय का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। रखरखाव के लिए स्वयं सहायता समूह को जिम्मेदारी दी गई है। ग्राम सभा से उनके खाते में पैसा भी दे दिया गया है। इसके बावजूद सामुदायिक शौचालय में ताला लटक रहा है। सब कुछ जानकर आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
घोसी ब्लाक अंतर्गत मलेरी कोट विंद्राबन में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य कराया गया। एक वर्ष से अधिक समय बीत गया, अभी तक ताला ही लटका रहता है। सामुदायिक शौचालय के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह को दी गई है। इन शौचालय में ताला लगा होने के कारण शौचालय का उपयोग आम लोग नहीं कर पा रहे हैं। शौचालय का ताला कब तक खुलेगा आला अधिकारी बताने को तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इस बाबत ग्राम विकास अधिकारी संदीप कुमार सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। जांच पड़ताल कर सामुदायिक शौचालय का संचालन कराया जाएगा।
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