शहर के ईसाई धर्मावलंबियों ने अपने धार्मिक परंपरा के अनुसार शुक्रवार को फातिमा चर्च मे गुड फ्राइडे प्रभु यीशु मसीह की मूली मरण को याद किया। सभी मसीह भाइयों और बहनों ने अपने माथे पर राख लगा कर रोजा के साथ किया। राख तपस्या प्रायश्चित का प्रतीक है। उसी दिन से हर शुक्रवार के दिनों में चर्च में प्रार्थना एवं प्रवचन मे सभी भाग लिए।ईसाई धर्मावलंबीअपने कंधे में कुस लिए थे, और उनके दोनो और मोमबत्ती लिए दो व्यक्ति आगे-आगे चले और मसीह भक्त उनके पीछे चल रहे थे। 14 जगह रूक-रूक कर धर्म ग्रंथ पाठ पढ़ा और भक्ति गीत गाया। प्रभु यीशु के जवीन और उनकी शिक्षा को याद किया। चर्च के फादर पॉलराज ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रभु यीशु के शिक्षा हमारे जीवन की ज्योति है। इस पर चलने से मुनष्य के दु:ख, कष्ट, चिंता से मुक्ति मिलती है। मन और हृदय की शांति प्राप्त कर सकते हैं। जिनके दिल में प्रभु निवास करते हैं। उनके दिल भक्ति प्रेम से भर जाएंगे। वह व्यक्ति परहित में अपने जीवन को समाज की सेवा में समर्पित करेगा। मसीह के पदचिह्नों पर चल के इस दुनिया को स्वर्ग सा वातावरण बनाने की शिक्षा दी है। अंत मे मऊ जनपद की जनता की सुखद जीवन, एकता एवं शांति के लिए ईश्वर से दुआ मांगा। प्रार्थना सभा में फातिमा हॉस्पिटल के डॉ. जूड, ऍडमिनिस्ट्रेटर सिस्टर रोसिया, फातिमा नर्सिंग स्कूल प्रिंसिपल सिस्टर एनमेरी, चंद्रा पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल केसी पीटर, थॉमस मैथ्यु आदि शामिल रहे।