फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   The knowledge we can gain from a Guru cannot be obtained even from books: Uday Pratap

जो ज्ञान हमें गुरु से मिल सकता है वह पुस्तकों से भी नहीं : उदय प्रताप

Thu, 10 Sep 2026 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
The knowledge we can gain from a Guru cannot be obtained even from books: Uday Pratap
नगर के डीसीएसके पीजी कालेज में  संगोष्ठी को संबो​धित करतते प्रो० उदय प्रताप सिंह। स्रोत- स्वयं
हिन्दुस्तानी एकेडेमी प्रयागराज और डीसीएसकेपीजी कॉलेज मऊ के संयुक्त तत्वावधान में भारतेंदु हरिश्चन्द्र और भारत बोध विषय पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी का समापन बृहस्पतिवार को हुआ।
विज्ञापन

मुख्य अतिथि उदय प्रताप सिंह ने कहा कि भारत बोध पराधीनता से स्वाधीनता की ओर बढ़ने का भाव है। उन्होंने भारतेन्दु के भारत बोध को भाषा, संस्कृति और इतिहास से जोड़ते हुए देशभर में हिंदी के प्रचार-प्रसार और स्वभाषा में उन्नति पर बल दिया।
विज्ञापन

उन्होंने कहा, जो ज्ञान हमें गुरु से मिल सकता है, वह पुस्तकों से नहीं। हमें परिपक्व होने के लिए गुरु की संगत आवश्यक है।
प्राचार्य सर्वेश पाण्डेय ने अंधेर नगरी’ का उदाहरण देते हुए औपनिवेशिक शासन पर व्यंग्य की चर्चा की। अभय कुमार राय ने भारतेन्दु को हिंदी साहित्य की गद्य विधाओं का जनक बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

धनंजय शर्मा और सीपी राय ने भारत दुर्दशा नाटक को भारत बोध का महत्वपूर्ण आधार बताया। जितेन्द्र पाण्डेय ने समाज के उद्धार को भारत बोध से जोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed